Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Aalekh, lekh

इंसाफ़ ?-जयश्री बिरमी

 इंसाफ़ ? आज के अखबार में I कि किसान आंदोलन के दौरान किए गए मुकदमों को वापिस लेने पर सरकार …


 इंसाफ़ ?

इंसाफ़ ?-जयश्री बिरमीआज के अखबार में I कि किसान आंदोलन के दौरान किए गए मुकदमों को वापिस लेने पर सरकार और किसान संगठन के बीच तनातनी,क्या इसके बारे में कुछ खास बातें समझ ने का समय आ गया हैं?

 26 जनवरी ,अपना गणतंत्र स्थापना दिन  पर होने वाली परेड में ट्रैक्टर रैली निकालने की जिद कर के बैठे किसान नेता को समझा बूझा कर प्रशासन ने उन्हें एक तय मार्ग  से ट्रैक्टर रैली निकालने की इजाजत दी।और फिर क्या हुआ था, उस मार्ग को छोड़ सभी ट्रैक्टर को लेकर सरकार जैसे खेल शुरू हो गए।ऐसे ट्रैक्टर का कार्य का था,बस बिना ब्रेक की गाड़ी की तरह दौड़ाके लोगों को डरा कर भय फैला के अपना बाहुबल दिखाने का काम किया था उस रैली में। आम जनता तो थी ही नहीं वहां शायद ,तो सिर्फ रक्षा कर्मियों को डराने और घायल करने के लिए ही ये आयोजन किया गया था या टीवी पर देख रही जनता को त्रस्त करने के लिए था ये रोड शो था क्या?

और  लालकिला जो देश की शान हैं वहां भी केहर बरपाया था उन्होंने।जो वीडियो सामने आया वह तो दिल दहलाने वाला था।इन्हे जिसे हम जय किसान कहते हैं वही जय जवान कहे जाने वाले सुरक्षा कर्मियों पर जानलेवा हमला करना एक उद्दंडता नहीं तो और क्या था।तलवार ले कर पुलिस कर्मचारियों के पीछे दौड़ने वाली भी तस्वीरें सामने आई थी।पुलिस की अश्रु गैस छोड़ने वाली गन भी छीन लेने वाली तस्वीर भी देखी गई थी।जब लालकिल्ले तक घोड़े पर सवार युवान पहुंचा और एक भीड़ ने तिरंगे को हटा कर अपना मजहबी झंडा लगाया गया जिसे उसी धर्म के लोग परेशान थे कि झंडा लगाया गया  तब तो ठीक था, पर जब उन्हें उतारा जाएगा जो गलत तरीके से और उसे कस्टडी में भी रखा जायेगा तो उनके धर्म की बेअदबी भी होगी।लाल किले पर जो तोड़फोड़ हुई हैं उसे बयान करने में दिल दुखता हैं।ये अगर लोकशाही में मिलती स्वतंत्रता के परिणामस्वरूप हैं तो ऐसे स्वातंत्र्य पर दुबारा सोचने की आवश्यकता हैं।घायल लालकिला कैसे बताएगा अपने जख्मों की कहानी। लालकिल्ले में प्रवेश करने से पहले खिड़की से टिकिट लेनी पड़ती हैं उसी ऑफिस को तोड़फोड़ कर कर हरेक काउंटर को ध्वंस कर दिए।सभी शीशे तोड़ दिए,सारे ड्रॉवर तोड़ दिए, फर्नीचर तोड़ दिया,लोहे का  साइन बोर्ड जो बहुत भारी था उसे उखाड़ फेंका था,रेलिंग तोड दी और सारा ही दृश्य आधुनिक महाभारत के बाद सा दिख रहा था।जो सामने आया उसे बस ध्वंस करने के अलावा कोई काम नहीं किया उन्होंने।

 उपर से पुलिस वालों को जो वहां सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था उन्हे 

 अपमानित कर रहे थे, ललकील्ले पर जैसे दानव टूट पड़े थे वह दृश्य कैसे भुल पाएंगे हम उम्रभर?४०० से ज्यादा सुरक्षा कर्मचारी घायल हुए थे,रेलिंग से २५–३० फूट ऊंचे से कूद अपनी जानें बचा रहे थे क्या वह अन्नदाता थे? और उनके नेताओं ने कहा भी कि वो नहीं थे किसान तो अब क्यों मुकदमे खारिज करने की मांग की जा रही हैं? जिनके उपर मुकदमें हुए हैं वे स्वीकार्य नहीं हैं किसान नेताओं को,क्यों,जवाब एक ही हैं राजनैतिक आंदोलन को खत्म करने के लिए, राजनैतिक दांव खेलने के लिए,कुछ नेताओं की राजनीति को चलाने के लिए भोले भाले लोगों को लालच दे कर,उनको भ्रमित कर के चलाए गए अंदिलानों की फलस्तुति ये हुई की एक सही निर्णय को रद्दी के टोकरे में डाल कुछ नेताओं की आत्मस्लाघाओं को तृप्त की गई कानूनों को हटाके और उपर से जिन्होंने गुनहित कार्यों को किया उन पर से मुकदमे हटा कर, जिसे टीवी पर दुनियां ने देखा था उन्हे दोषमुक्त करना कहां तक वाजिब होगा।

 अगर ये हुआ हैं तो सरकार ने क्या पाया?”

खाया पिया कुछ नहीं ग्लास तोड़ा बारह आना”

जयश्री बिरमी
अहमदाबाद


Related Posts

International day of tolerance

November 16, 2022

आओ मिलकर सहिष्णुता के भाव को मज़बूत करें सहिष्णुता हमारी दुनिया की संस्कृतियों की समृद्ध विविधता, अभिव्यक्ति के रूपों और

सावधान हर वर्ग के लोग हो सकते हो हनी ट्रैप का शिकार

November 13, 2022

सावधान हर वर्ग के लोग हो सकते हो हनी ट्रैप का शिकार आनलाईन गेम़ के दौरान बीच-बीच में चैटिंग कि

आओ दयालुता का भाव अपनाने का संकल्प करें|Let’s resolve to embrace kindness

November 13, 2022

आओ दयालुता का भाव अपनाने का संकल्प करें|Let’s resolve to embrace kindness प्रत्येक व्यक्ति को अद्वितीय मानव सिद्धांतों में से

अंतर्राष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष 2023 का आगाज़ – 5 दिसंबर 2022 को प्रीलॉन्च

November 13, 2022

भारत की गाथा अंतर्राष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष 2023 का आगाज़ – 5 दिसंबर 2022 को प्रीलॉन्च  मोटा अनाज पोषण तत्वों

व्यंग्य कविता-मेरे पास टाइम नहीं| I mere pas time nahi

November 13, 2022

व्यंग्य कविता-मेरे पास टाइम नहीं मेरे पास पचासों काम रहते है तुम्हारे समान खाली हूं क्या मैं बहुत बिजी रहता

14 नवम्बर बाल दिवस विशेष| children day special

November 13, 2022

बच्चों को सिखाया जाना चाहिए कि कैसे सोचना है, न कि क्या सोचना है? आज के भारतीय परिपेक्ष्य में जब

Leave a Comment