Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Priti Chaudhary

आल्हा/वीर छंद प्रेरणा गीत

आल्हा/वीर छंदप्रेरणा गीत बाधाओं से डर कर हे मन, तन को ढो मत जैसे भार।।कंटक राहों से बढ़कर ही,खुलते सदा …


आल्हा/वीर छंद
प्रेरणा गीत

बाधाओं से डर कर हे मन, तन को ढो मत जैसे भार।।
कंटक राहों से बढ़कर ही,खुलते सदा सफ़लता द्वार।।

श्रम की चाबी कर में रखकर,आज सरल हर कर ले राह।
ईश्वर देंगे मनचाहा वर, कर ले मन में ऐसी चाह।।
सुख-दुःख जीवन के दो पहलू, बात यही तू अब स्वीकार।
कंटक राहों से बढ़कर ही, खुलते यहाँ सफ़लता द्वार।।

तूफानों में डरना कैसा, नाव चला तू बनकर वीर।
रोके चाहे राहें कोई, तोड़ सदा दुख की प्राचीर।।
पाषाणों से टकराकर भी, बहती कल-कल नदिया धार।।
कंटक राहों से बढ़कर ही, खुलते सदा सफ़लता द्वार।।

वीर कहाँ रण में झुकते हैं ,करते दुश्मन का प्रतिकार।
रुकते कब है बढ़ते वे पग, हर बाधा कर जाते पार।।
जीवन ज्वाला में तपकर ही, करती देह सदा श्रृंगार।।
कंटक राहों से बढ़कर ही, खुलते यहाँ सफ़लता द्वार।।

About author 

प्रीति चौधरी "मनोरमा" जनपद बुलंदशहर उत्तर प्रदेश मौलिक एवं अप्रकाशित

प्रीति चौधरी “मनोरमा”
जनपद बुलंदशहर
उत्तर प्रदेश
मौलिक एवं अप्रकाशित


Related Posts

माँ

June 24, 2022

 माँ अनिता शर्मा एक शब्द में संसार समाहित, जग जननी है माँ। कितनी भोली, कितनी प्यारी, मुझे प्यारी है माँ

तन्हा सी!!!!

June 24, 2022

 तन्हा सी!!!! अनिता शर्मा भीड़ में तन्हा-तन्हा सी, कुछ सकुचाई कुछ शरमाई। कह न सकी दिल की बातें, मन ही

वर्षा ऋतु !

June 24, 2022

वर्षा ऋतु ! डॉ. माध्वी बोरसे! ढेर सारी खुशियों की बौछार,सभी करते हैं इस ऋतु का इंतजार ,पशु पक्षियों और

खुशनुमा वातावरण बनाएं!

June 24, 2022

 खुशनुमा वातावरण बनाएं! डॉ. माध्वी बोरसे! लाए खुशियों की बहार, चाहे परेशानियां हो हजार, जिंदगी तो है कुछ पलों की,

जरूर लड़े!

June 24, 2022

जरूर लड़े! डॉ. माध्वी बोरसे! लड़ना है तो अपने क्रोध से लड़े,अपने अंदर के अहंकार से लड़े,स्वयं को मजबूत और

पारदर्शी जीवन!

June 24, 2022

पारदर्शी जीवन! डॉ. माध्वी बोरसे! चलो सोचे और बोले एक समान, जिंदगी को बना ले, थोड़ा और आसान,दिल से और

PreviousNext

Leave a Comment