Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Mausam-Khan, poem

आपकी तारीफ के लिए अल्फाज नही

 आपकी तारीफ के लिए अल्फाज नही तेरी सूरत,और तासीर,की अल्फाज बया करे,तुम फूल हो गुलाब का ये मौसम बया करे।।फैले …


 आपकी तारीफ के लिए अल्फाज नही

आपकी तारीफ के लिए अल्फाज नही

तेरी सूरत,और तासीर,की अल्फाज बया करे,
तुम फूल हो गुलाब का ये मौसम बया करे।।
फैले चांदनी सी आभा तेरी,तेरी हर अदा पर नाज है,
तेरी खूबसूरती के बराबर नहीं कोई ,तेरी मुस्कान,कुछ बया करे।।

तेरे जुल्फा की घटा, हवाओं के साथ केशो का लहराना,
तेरा रूप रंग,बोल चाल,तेरी हर अदा पर नजर लगाता जमाना।
तुम रात के अंधियारे में उजाला हो,
खुवाहिश है तेरे दिल में अपना घर बनाना।।

तेरे राजीवनयन रुखसार आंचल पर तिलक राज,
तेरा मुख चंद्रमा, है नायाब छिपा होठों में राज।
फूल की खूश्बु महके तू शमा पर जले परवाना तू है वसंत राज।

तुम मोहब्बत हो मंजिल हो अरमानों की,
तुम चौदवी का चांद हो खुशबू हो गुलाब की।
अल्फाज कैसे लिखेंगे आपकी खूबसूरती की दास्तां,
करूं आपकी तुलना पानी से,
सच य है तुम चांदनी हो रात की।।

तुम सब से अलग हो,नादान मुस्कान है,
तेरा ये मुस्कराना आदत है ये शौक है
तेरी हसी में फूल बरसते है मेरे अजीज
तुम हसीन हो सदा बनी रहे आपकी मुस्कान है

About author 

मौसम खान  अलवर राजस्थान
मौसम खान
 अलवर राजस्थान


Related Posts

अब भी हिम्मत बाकी है!

August 5, 2022

अब भी हिम्मत बाकी है! मुसीबतों का भंडार है,हर तकलीफ का संहार है,अब भी तुझ में हिम्मत बाकी है,दृढ़ता तेरा

जाने के बाद।

August 5, 2022

जाने के बाद। कुछ हो जाने के बाद,उसके बारे में क्यों सोचना,कुछ खो जाने के बाद,उसे सोच कर क्यों रोना।

मन मेरा पुकारे…….

August 5, 2022

मन मेरा पुकारे……. मन मेरा पुकारे काना प्यारेकहाँ है ढिकाना हमको बता देकरनी है बातें तुझ से कब से हम

शीर्षक : लड़की और समाज

August 5, 2022

शीर्षक : लड़की और समाज लड़की का जीवनसिमटकर रह जाता है ,चौखट , चूल्हे , चौके तक । जन्म के

आज भी वो दिन हमको याद है

August 5, 2022

याद है वो दिन आज भी आज भी वो दिन हमको याद हैसर पर हमारे मोहब्बत ए ताज हैआज सीने

हजार है!/hazar hai

August 5, 2022

 हजार है! मोहब्बत की तलाश है, गम देने वाले हजार है! सच्चाई की तलाश है, झूठ बोलने वाले हजार है!

PreviousNext

Leave a Comment