Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Veena_advani

आज रक्तदान दिवस है देवदूत बन जाइए

 आज रक्तदान दिवस है      देवदूत बन जाइए वीना आडवाणी तन्वी किसी मरीज़ को रक्त दान कर किसी के लिए …


 आज रक्तदान दिवस है 
     देवदूत बन जाइए

वीना आडवाणी तन्वी
वीना आडवाणी तन्वी

किसी मरीज़ को रक्त दान कर

किसी के लिए जीवनदान देकर देवदूत बन जाइए

मुस्कान किसी के लबों पर लाईए।।

देवदूत बन जाइए।।२।।

अस्पतालों में बहुत से बेबस बेचारे

रक्त कि बूंद के लिए तरसते प्यारे

एक यूनिट से बचे ये न्यारे

आईए इनमें आशा की किरण जगाइए।।

देवदूत बन जाइए।।२।।

समस्त भारत देश में सहयोग करवाईये

हर राज्य के लोगों को अपना बतलाईये

अपने पन से ही सम्मान दे सहयोग करजाईये।।

देवदूत बन जाइए।।२।।

आशा की किरणों अटेंडरों में भर जाईये

उनके परिवार के सदस्य को बचा खुशी दिलाईये

फूटेगा खुद के भीतर भी खुशी का ज्वार तब 

जब दुआओं से सबकी अपनी झोली भरी सी पाईये।।

देवदूत बन जाइए।।२।।

वीना आडवाणी तन्वी

नागपुर, महाराष्ट्र


Related Posts

जरूर लड़े!

June 24, 2022

जरूर लड़े! डॉ. माध्वी बोरसे! लड़ना है तो अपने क्रोध से लड़े,अपने अंदर के अहंकार से लड़े,स्वयं को मजबूत और

पारदर्शी जीवन!

June 24, 2022

पारदर्शी जीवन! डॉ. माध्वी बोरसे! चलो सोचे और बोले एक समान, जिंदगी को बना ले, थोड़ा और आसान,दिल से और

प्रसन्न मन!

June 24, 2022

प्रसन्न मन! डॉ. माध्वी बोरसे! जब मन होता है प्रसन्न,रोकने को चाहता है वह क्षण,चलता वक्त थम जाए,कई और हम

कर्म से लिखे आत्मकथा!

June 24, 2022

कर्म से लिखे आत्मकथा! माध्वी बोरसे! लिखें हमारे जीवन की कहानी,साहस,दृढ़ता हो इसकी निशानी,कलम से नहीं कर्म से लिखें,हमारा जीवनी

खान-पान पर भी तकरार

June 24, 2022

 खान-पान पर भी तकरार जितेन्द्र ‘कबीर’ एक घर की चार संतानें… खान-पान में चारों के हैं अलग विचार, शाकाहारी है

चुनाव के पहले और बाद में

June 24, 2022

 चुनाव के पहले और बाद में जितेन्द्र ‘कबीर’ जनता के सामने विनम्र याचक मुद्रा में नेता लोकतंत्र के पर्व की 

PreviousNext

Leave a Comment