Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Deep madira, lekh, poem

आखिर क्यों पढ़े-लिखे बच्चे गलत मार्ग पर जा रहे हैं ?

 आखिर क्यों पढ़े-लिखे बच्चे गलत मार्ग पर जा रहे हैं ? हाल ही में आपने सुना होगा सोशल मीडिया पर …


 आखिर क्यों पढ़े-लिखे बच्चे गलत मार्ग पर जा रहे हैं ?

आखिर क्यों पढ़े-लिखे बच्चे गलत मार्ग पर जा रहे हैं ?

हाल ही में आपने सुना होगा सोशल मीडिया पर कई सारे बच्चे ऐप बनाकर किसी विशेष समुदाय की महिलाओं को बदनाम करने का काम कर रहे हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें यह सभी बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और सभी बच्चे अच्छे परिवार और अच्छी जाति से संबंध रखते हैं। ऐसे में सवाल उठते हैं- पढ़े-लिखे बच्चे गलत मार्ग पर क्यों जा रहे हैं ?

ज़रा आप सोचिए पिछले कुछ सालों से देश में ऐसा क्या हो रहा है कि हमारे समाज में लगातार नफरत फैलती जा रही है। समाज की एकता, अखंडता को कौन तोड़ रहा है ? समाज में एक दूसरे के प्रति नफरत कौन से लोग फैला रहे हैं ? पिछले कुछ सालों से आपने गौर किया होगा कि अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए हमारे राजनेता किसी विशेष समुदाय के प्रति इस प्रकार से नफरत फैला रहे हैं। जिसका खामियाजा आज हमारे सामने यह है कि हमारे पढ़े-लिखे बच्चे गलत मार्ग की ओर जाने को तैयार है।

इस नफरत से किस समाज को लाभ और किस समाज को नुकसान होने वाला है। यह हम सभी को भलीभांति जानने की जरूरत है। याद रखिएगा जब-जब समाज में नफरत खेलती है तो उसका असर पूरे समाज पर होता है। इतना ही नहीं इस नफरत की आग में हमारी आने वाली पीढ़ी भी झुलसने लग जाती है। सत्ता में बैठे लोग यही चाहते हैं कि आप उनसे कोई सवाल न करें, वह आपके अधिकारों को खत्म कर दें और आपको धर्म, जाति, मजहब, क्षेत्रवाद इत्यादि चीजों में उलझा कर रखें। समाज में इसी नफरत को फैलाने से उनकी सत्ता टिकी रहती है। आप और आपका आने वाला भविष्य इसी नफरत की आग में जलने लगता है।

अगर आप शिक्षित हैं और इसके बावजूद भी आप नफरत की आग में जलने को तैयार है तो आप मूर्खों के बादशाह है। सोचिए और समझिए इस नफरत की आग से बाहर निकलिए और एक बेहतर समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाइये।

– दीप मदिरा


Related Posts

सुख़ दुख़ दोनों रहते जिसमें जीवन है वो गांव

January 19, 2023

सुख़ दुख़ दोनों रहते जिसमें जीवन है वो गांव सुख़ दुख़ तो अतिथि हैं, बारी-बारी से आएंगे चले जाएंगे –

zindagi par kavita | बोलती जिंदगी

January 19, 2023

बोलती जिंदगी  बोलती जिंदगी ,मौन होकर के सुन || सप्त स्वर सुन मचलने लगे सब के दिल, किस की पायल

कविता -भारतीयता के भाव और कट्टरता

January 19, 2023

भारतीयता के भाव और कट्टरता  कट्टरता का भाव गलत है,मेल न खाता भारत से।। जाग-जाग ओ सोये भारत, यह खिलबाड़

दे दाता के नाम तुझको अल्ला रखे

January 19, 2023

 दे दाता के नाम तुझको अल्ला रखे आंखें हिंदी चलचित्र था जो बचपन में देखा था जिसकी याद आज समाचारों

बड़वा का प्राचीन झांग-आश्रम जहां बादशाह जहांगीर ने डाला था डेरा

January 19, 2023

बड़वा का प्राचीन झांग-आश्रम जहां बादशाह जहांगीर ने डाला था डेरा 1620 ईसवी के आस -पास मुग़ल बादशाह (सलीम) जहांगीर

‘गोल’ माल: पेले और पालेकर |Golmal : pele aur palekar

January 15, 2023

‘गोल’ माल : पेले और पालेकर दिसंबर के अंतिम सप्ताह में, फुटबाल के खेल में दंतकथा स्वरूप ब्राजिलियन फुटबालर एडिसन

Leave a Comment