Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Bhawna_thaker, lekh

आकर्षण को प्यार समझने की भूल मत करो

 “आकर्षण को प्यार समझने की भूल मत करो” इश्क की आँधी बहा ले जाती है जिनको कच्ची उम्र के पड़ाव …


 “आकर्षण को प्यार समझने की भूल मत करो”

आकर्षण को प्यार समझने की भूल मत करोइश्क की आँधी बहा ले जाती है जिनको कच्ची उम्र के पड़ाव पर, वह लड़कियां कहीं की नहीं रहती। छूट जाती है पढ़ाई और इश्क की आराधना करते कई बार हार जाती है अपनी ज़िंदगी। 

यह उम्र ख़तरनाक होती है 15 से लेकर 20 साल के बीच का सफ़र विपरित सेक्स के प्रति आकर्षण पैदा करता है। उस उन्माद को बच्चियाँ प्रेम समझकर एक ऐसी राह पर निकल जाती है, जहाँ फिसलन और पतन के सिवा कुछ नहीं होता। 

न आजकल के लड़कें उस उम्र में इतने परिपक्व होते है। प्यार, इश्क, मोहब्बत को अपनी शारीरिक जरूरतें पूरी करने का ज़रिया समझते है। खासकर डिज़ीटल युग में हर बच्चें मोबाइल का बेबाक उपयोग करते है, जिसमें अंगूठा दबाते ही पोर्नोग्राफ़ी एप्स की भरमार मिलती है। बहुत कम उम्र में आजकल के बच्चें एडल्ट हो जाते है। हर माँ-बाप को अपने बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए। बच्चें मोबाइल का उपयोग किस चीज़ के लिए करते है और बच्चों की मानसिकता का अध्ययन करते बातचीत से जानने की कोशिश करनी चाहिए की बच्चे किस दिशा में जा रहे है। और हर माँ-बाप का कर्तव्य है की बेटे को यह संस्कार दें कि दूसरों की बेटी की इज्जत करें, सम्मान दें। प्यार के नाम पर कोई खेल खेलने से पहले सोचे की अपनी बहन-बेटी के साथ अगर कोई ऐसा करें तो?

कभी-कभी बच्चें आकर्षण को प्यार समझकर एक ऐसी राह पर निकल जाते है, जहाँ से बाकी सब पीछे छूट जाता है। पढ़ाई-लिखाई से भटक जाते है लक्ष्य को भूल जाते है। खासकर लड़कियों की ज़िदगी में बहुत सारे परिवर्तन आते है। लड़कियां कई बार गलत पात्र से रिश्ता जोड़ कर ऐसी गलती कर बैठती की बर्बाद हो जाती है। अमन-चमन के चक्कर में लड़के लड़कियों को फंसाते है फिर जिम्मेदारी से पल्ला जाड़ लेते है, तब समाज में बदनामी लड़कियों की ही होती है, लांछन लड़कियों पर ही लगते है। कई बार परिवार से भी हाथ धोने पड़ते है। या तो विकृत मानसिकता वाले लड़के येन केन प्रकारेण लड़की को पाने के लिए इस हद तक जाते है की लड़कियों को एसिड अटेक का सामना करना पड़ता है, या जान से जाती है। कभी-कभी शारीरिक उन्माद में बेकाबू होकर बिना कोई प्रिकाॅशन्स लिए  लक्ष्मण रेखा लाँघ जाते है और कुँवारी लड़कियां प्रेग्नेंसी के चक्कर में या तो कच्ची उम्र में अबोर्शन का शिकार बनती है, या नवजात को जन्म देकर कूड़े-कचरे में ड़ाल देती है। ऐसे गैरजिम्मेदार मनचलों की बातों में आकर खुद की ज़िंदगी को दाँव पर लगाना बेवकूफ़ी है। ऐसे लड़के प्यार नहीं खिलवाड़ करते है। ज़िंदगी बहुत अनमोल है और अपने परिवार की इज्जत बेमोल है, व्यर्थ मत गँवाओ। 

प्यार करने की भी एक उम्र होती है, समझ होनी चाहिए की प्यार किसे कहते है। प्यार की परिभाषा जानें बिना अट्रेक्शन को प्यार समझकर या होम करके कूदना मतलब खुदकुशी है। बेशक प्यार करो पर शिद्दत वाला करो। एक ही इंसान से करो और अपने साथी को वफ़ादार रहो। पहले ज़िंदगी में पढ़ लिखकर कुछ बन जाओ, अपना लक्ष्य प्राप्त कर लो और जब आपको लगे की आप किसीकी ज़िम्मेदारी उठाने के काबिल हो, किसीका हाथ थामें आप बुढ़ा हो सकते हो तब बकायदा अपने प्यार का इज़हार करो और अपने प्रिय साथी के साथ भरपूर ज़िंदगी जिओ।

प्यार का एहसास बहुत खूबसूरत होता है, किसीके प्रति नि:स्वार्थ और अनकंडिश्नल भाव प्रेम की परिभाषा है। प्यार छीनने का नहीं, देने का नाम है, महसूस करने का नाम है। किसीको बदनाम और बर्बाद कर दे वह प्यार नहीं हैवानियत है। इसलिए लड़कियों ज़रा ठहरो, सोचो, अपनी ज़िंदगी से प्यार करो और प्यार का पागलपन छोड़ कर कुछ बनकर दिखाओ। ज़िंदगी बड़ी खूबसूरत है जश्न सी मनाओ पर कायदे से, दायरे में रहकर।

भावना ठाकर ‘भावु’ बेंगलोर


Related Posts

22 सितंबर – रोज डे (कैंसर रोगियों का कल्याण)

September 21, 2022

22 सितंबर – रोज डे (कैंसर रोगियों का कल्याण) भारत में कैंसर के बढ़ते मामले, समाज के स्वास्थ्य पर बोझ

21 सितंबर – अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस

September 20, 2022

केवल प्यार ही घृणा को दूर कर सकता है। एक शांतिपूर्ण वातावरण सामंजस्यपूर्ण जीवन सुनिश्चित करता है और आपसी समझ

भ्रष्टाचार

September 19, 2022

भ्रष्टाचार भ्रष्टाचार मुक्ति का अस्त्र – कर्तव्य परायणता सर्वोपरि भ्रष्टाचार मुक्ति के लिए 2047 का इंतजार क्यों? पद के प्रति

क्यूँ बेटियों को अपनी पसंद का जीवनसाथी चुनने का अधिकार नहीं

September 19, 2022

“क्यूँ बेटियों को अपनी पसंद का जीवनसाथी चुनने का अधिकार नहीं” इंसान की मानसिकता कब बदलेगी? बेटियाँ जिगर का टुकड़ा

चलते चीते चाल।।(chalte-cheete-chaal)

September 19, 2022

चलते चीते चाल।। माना चीते देश में, हुए सही आयात। मगर करेगा कौन अब, गदहों का निर्यात।।   आये चीते

हर जगह वायरल होती निजता, कैसे जियेंगे हम?(chandigarh university news video leak)

September 19, 2022

हर जगह वायरल होती निजता, कैसे जियेंगे हम? चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की एक छात्रा द्वारा अपनी हॉस्टल की साठ से अधिक

Leave a Comment