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Pawan Kumar Sharma, poem

आओ नया साल मनाए

आओ नया साल मनाए नए साल में नया कुछ न कुछ कर दिखाए। आओ हम सब मिलकर नया साल मनाए …


आओ नया साल मनाए

आओ नया साल मनाए
नए साल में नया कुछ न कुछ कर दिखाए।

आओ हम सब मिलकर नया साल मनाए ।
बिखरे सपनो के मोती से फिर माला बनाए ।
निराशा को भगाए ,आओ कुछ कर दिखाए।
हर मायूस चेहरे पर मुस्कुराहट बिखराए
आओ नया साल मनाए……..
स्वयं के अंदर खोया आत्म विश्वास जगाए ।
आत्म निर्भर भारत की पहचान बनाए
तकनीकी में आगे कदम बढाए ।
आओ नया साल मनाए …….
राग द्वेष ईर्षा सभी भूल ,
सृजन करे अच्छी बातो का
आपस में समन्वय बिठाए ,
छूट गए जो संघी साथी
सभी को साथ ले आए
अभी भी मास्क पहने हम सभी
सामाजिक दूरी अपनाए ।
वैक्सीन सभी को लगवाए
आओ नया साल मनाए ।
अंत करे नकारात्मक विचारों का
नए सुविचार अपने अंदर लाए
तैयार रहे हर किसी की मदद के लिए
हमें जरूरतमंद के लिए हाथ बढ़ाए
आओ नया साल मनाए ।
नए साल में नया कुछ न कुछ कर दिखाए।
आओ हम सब मिलकर नया साल मनाए।
बिखरे सपनो के मोती से फिर माला बनाए।

About author 

पवन कुमार शर्मा
कवि कौटिल्य
राजस्थान

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