Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Pawan Kumar Sharma, poem

आओ नया साल मनाए

आओ नया साल मनाए नए साल में नया कुछ न कुछ कर दिखाए। आओ हम सब मिलकर नया साल मनाए …


आओ नया साल मनाए

आओ नया साल मनाए
नए साल में नया कुछ न कुछ कर दिखाए।

आओ हम सब मिलकर नया साल मनाए ।
बिखरे सपनो के मोती से फिर माला बनाए ।
निराशा को भगाए ,आओ कुछ कर दिखाए।
हर मायूस चेहरे पर मुस्कुराहट बिखराए
आओ नया साल मनाए……..
स्वयं के अंदर खोया आत्म विश्वास जगाए ।
आत्म निर्भर भारत की पहचान बनाए
तकनीकी में आगे कदम बढाए ।
आओ नया साल मनाए …….
राग द्वेष ईर्षा सभी भूल ,
सृजन करे अच्छी बातो का
आपस में समन्वय बिठाए ,
छूट गए जो संघी साथी
सभी को साथ ले आए
अभी भी मास्क पहने हम सभी
सामाजिक दूरी अपनाए ।
वैक्सीन सभी को लगवाए
आओ नया साल मनाए ।
अंत करे नकारात्मक विचारों का
नए सुविचार अपने अंदर लाए
तैयार रहे हर किसी की मदद के लिए
हमें जरूरतमंद के लिए हाथ बढ़ाए
आओ नया साल मनाए ।
नए साल में नया कुछ न कुछ कर दिखाए।
आओ हम सब मिलकर नया साल मनाए।
बिखरे सपनो के मोती से फिर माला बनाए।

About author 

पवन कुमार शर्मा
कवि कौटिल्य
राजस्थान

Related Posts

नेताजी – डॉ. इन्दु कुमारी

January 25, 2022

नेताजी सुभाष चंद्र बोस तू ,गये तो गएभारत माँ के भाल, सजा के गएस्वर्णाक्षरों में नाम, लिखा के गएलाल थे

सबसे ख़तरनाक जहर- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 25, 2022

सबसे ख़तरनाक जहर वो बहुत अच्छे से जानते हैंकि जहर की कितनी मात्रा रोज देने सेमर जाती हैं एक इंसान

ऐ चाँद- डॉ. इन्दु कुमारी

January 25, 2022

ऐ चाँद लिख रही तेरी दास्तानशीतलता करते प्रदानदागदार वह कहलाते हैंजीवों के हित आते हैंचाँदनी फिर छिटकाते हैंनिशब्द भरी रातों

भारत माता – डॉ. इन्दु कुमारी

January 25, 2022

भारत माता भारत जननी तू हो महानतूने जने हो वीर संतानसिर हिमालय की पायीचरणों को धोता सागर हैशेरों की है

मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम- सिद्धार्थ गोरखपुरी

January 25, 2022

कविता -मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम चतुर्भुज रूप में जन्म लियाअयोध्या को अनुराग दियामाँ कौशल्या के कहने परमूल रूप को त्याग दियाबाल्यकाल

जरा सोचो इंसान – मईनुदीन कोहरी”नाचीज बीकानेरी”

January 25, 2022

जरा सोचो इंसान अपनी जुबां से किसी को कभी ना सताना।मौत भी आकर कहे तो बहाना ये बनाना।।सम्भल कर कदम

Leave a Comment