Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jayshree_birmi, lekh

आंग्ल वर्ष की कहानी- जयश्री बिरमी

आंग्ल वर्ष की कहानी ईसा पूर्व ८वीं सादी में बने रोमन और ग्रीक  कैलेंडर ही आज के कैलेंडर का अधारस्तंभ …


आंग्ल वर्ष की कहानी

आंग्ल वर्ष की कहानी- जयश्री बिरमी
ईसा पूर्व ८वीं सादी में बने रोमन और ग्रीक  कैलेंडर ही आज के कैलेंडर का अधारस्तंभ हैं।  पहले १० महीनों का एक साल होता था।मार्च महीने से नया साल शुरू होता था।अंतिम ४ महीनों में सितंबर सातवां ,अक्टूबर आठवां,नवंबर नौवां और दिसंबर दसवां महीना होता था।किंतु जब ईसा पूर्व १ली सादी में और दो महीने बढ़ाएं गए।और मार्च की जगह जनवरी महीने से नया साल शुरू होने लगा।हरेक महीने के नाम के कुछ मतलब हैं।जैसे जनवरी के महीने को दरवाजों और गेट के यूनानी देवता जेनिस के नाम पर हैं जो बाद में जनवरी बना।यूनानी मान्यता के हिसाब से देवता जेनिस के दो मुख थे जिससे एक मुख से आगे और दूसरे से पीछे की और देखते थे। और जनवरी का महीना बीते साल को भी देखता हैं और आने वाले महीने को भी देखता हैं।फरवरी के महीने का नाम फेब्रू आलिया नाम की अवधि के अनुसार पड़ा,जिस दौरान अपने पापों के प्रायच्छित के लिए यूनानी लोग देवता को चढ़ावें चढाते थे।मार्च का नाम रोमन के युद्ध के देवता मार्स के नाम पर रखा गया।रोमन वर्ष की शुरुआत इसी मास से होता हैं।अप्रैल का नाम स्परायर जिसका लेटिन भाषा में मतलब कलियों का खिलाना होता हैं।प्राचीन रोम में बसंत ऋतु का आगमन होता था इसलिए –अप्रिलिस–  जो बाद में अप्रैल कहा  गया।मई महीने का नाम पौधों के वर्धन की देवी मईया के नाम पर से रखा गया।जून रोम के सबसे बड़े देवता जीयस और उनकी पत्नी जूनो के नाम पर से रखा गया था।उन दोनों के नाम पर जून का महीना रखा गया था।जुलाई महीने का नाम रोमन सीनेट ने जूलियस सीजर के सम्मान के लिए रखा गया था।इसी महीने उनका जन्म भी हुआ था और मृत्यु भी।ऑगस्ट का नाम जूलियस सीजर के भतीजे अगस्टस सीजर के नाम पर से रखा गया था।सितंबर का नाम सात के लेटिन  सैप्टम शब्द पर रखा गया था।अक्टूबर का नाम ऑक्टो मतलब आठ होता हैं।नवम्बर शब्द नवंबर पर जिसका मतलब नौ होता हैं जो नौवां महीना था।दिसंबर का नाम डेसेम के नाम पर रखा गया जिसका मतलब दस होता हैं।ऐसे सात मत लब रखने वाला सितंबर नौवां महीना बना,अक्टूबर आठवें की बजाय दसवां,नवंबर नौवें की बजाय ग्यारहवां और दिसंबर दसवें की बजाय बारहवां महीना बना।

जयश्री बिरमी
अहमदाबाद


Related Posts

भारत कौशलता, कुशल बौद्धिक क्षमता का धनी

May 28, 2023

भारत कौशलता, कुशल बौद्धिक क्षमता का धनी भारत का दुनियां में कौशलता दम दिखा ख़ास – किसी पीएम ने चरण

संबंधों को समझने से ही प्यार सजीव रहता है |

May 28, 2023

संबंधों को समझने से ही प्यार सजीव रहता है समय के साथ सभी जगह बदलाव आने के साथ संबंधों में

साहित्य जगत में फ़ैल रहा व्यवसाईयों का मकड़ जाल

May 28, 2023

साहित्य जगत में फ़ैल रहा व्यवसाईयों का मकड़ जाल वर्ष 2018 मे मैंने साहित्य जगत में कदम रखा था ।

विजय : एंग्री यंग मैन के 50 साल

May 28, 2023

विजय : एंग्री यंग मैन के 50 साल अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘जंजीर’ 11 मई, 1973 को रिलीज हुई थी।

व्यंग्य -बारहवीं के बाद का बवाल |

May 28, 2023

व्यंग्य -बारहवीं के बाद का बवाल बारहवीं का रिजल्ट आते ही बच्चों और उनके मां-बाप का बीपी बढ़ने लगता है।

भ्रष्टाचार बनाम अधिक मूल्यवर्ग करेंसी नोट |

May 28, 2023

 भ्रष्टाचार बनाम अधिक मूल्यवर्ग करेंसी नोट  अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने डिजिटल पेमेंट का दायरा बढ़ाना ज़रूरी  डिजिटल युग में 500

PreviousNext

Leave a Comment