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Pawan Kumar Sharma, poem

अलविदा 2022 |सोचो आगे क्या करना है ?

अलविदा 2022 |सोचो आगे क्या करना है ? सोचो आगे क्या करना है ?सोचो कैसे आगे बढ़ना है ?सोचो क्या …


अलविदा 2022 |सोचो आगे क्या करना है ?

अलविदा 2022 |सोचो आगे क्या करना है ?

सोचो आगे क्या करना है ?
सोचो कैसे आगे बढ़ना है ?
सोचो क्या खोया हमने ?
सोचो क्या पाना है ?

जीवन तो है चलने का नाम 
बस चलते ही जाना है ।
कर्तव्य पथ हो प्रखर हमारा , 
सुदृढ़ , समृद्ध और खुशहाल हो 
आने वाला साल हमारा ।।

About author 

पवन कुमार शर्मा
कवि कौटिल्य


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