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अलविदा सत्य प्रकाश उर्फ राजू श्रीवास्तव

अलविदा कॉमेडी के नूर मनोरंजन भरपूर – हंसी चिकित्सा के धनी को सैल्यूट हंसी हमारे मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक स्वास्थ्य …


अलविदा

कॉमेडी के नूर मनोरंजन भरपूर – हंसी चिकित्सा के धनी को सैल्यूट

अलविदा सत्य प्रकाश उर्फ राजू श्रीवास्तव

हंसी हमारे मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक स्वास्थ्य का अभूतपूर्व टॉनिक – हंसने से मनुष्य का इम्यूनिटी सिस्टम मज़बूत होता है – एडवोकेट किशन भावनानी

गोंदिया – सृष्टि में मनुष्य की कौशलता, टैलेंट, नेतृत्व कुछ काम ऐसे होते हैं जो खुद उसकी गाथा बन जाते हैं। लफ़्ज़ों की ताकत कहां जो इन्हें बयां कर सके। जब काम बोलता है तो देश को गर्व होता है, ऐसे ही कॉमेडी के नूर मनोरंजन भरपूर हंसी चिकत्सा के धनी चिकित्सक सत्य प्रकाश उर्फ राजू श्रीवास्तव का देहांत 21 सितंबर 2022 को हुआ हालांकि पिछले 41 दिनों से दिल्ली के एम्स में चिकित्सीय जांच के दौरान जग को अलविदा कहे, पर इसका अंदाजा लोगों को नहीं था कि हम इतनी जल्दी हमारे हंसी के चिकित्सक बेताज बादशाह को खो देंगे उनकी शख्सियत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जब सुबह उनके निधन की जानकारी मीडिया में आई तो दोपहर होते-होते राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री, मंत्रियों, सियासत से जुड़े पक्ष विपक्ष की तमाम हस्तियां, सिनेमा जगत से जुड़े बड़े-बड़े सितारों कलाकारों से लेकर समाज के अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति द्वारा भी दुख का पल महसूस किया गया जिससे हम अंदाज लगा सकते हैं कि इतनी बड़ी शख्सियत थे। बड़े बुजुर्ग कहते हैं यह जग छोड़ कर जाना तो सबके लिए हैं, पर यहां रह जाते हैं उनके द्वारा किए गए कर्म, उनकी वैचारिक क्षमताएं, उनके द्वारा लोगों के दिलों में बनाया गया स्थान है। वाकई प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर राजू श्रीवास्तव के देहांत पर जैसा माहौल देखा उसे सैल्यूट। कद्रदान व्यक्ति के काम को सैल्यूट, आज हम मीडिया रिपोर्ट के आधार पर इस आर्टिकल के माध्यम से हंसी के चिकित्सक पर चर्चा करेंगे जिसे सदियों तक दुनिया याद रखेगी।
साथियों बात अगर हम राजु श्रीवास्तव के देहांत की करें तो,10 अगस्त को जिम में वर्कआउट दौरान राजू को दिल का दौरा पड़ा था,जिसके बाद उन्हें एम्स में भर्ती करवाया गया था। बीते 41 दिन से वेंटिलेटर पर मौत से जंग लड़ रहे आखिर अपने प्राण त्याग दिए हैं। उनके मौत की खबर सामने आने के बाद से ही पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। हर कोई नम आंखों से उनको श्रद्धांजलि दे रहा था।उनका पोस्टमॉर्टम हुआ, जिसमें बताया गया है कि उनके शरीर पर कोई भी बाहरी चोट के निशान नहीं है। 41दिनों तक इलाज चलने की वजह से बॉडी पर केवल इंजेक्शन के निशान पाए गए हैं।राजू श्रीवास्तव का पार्थिव शरीर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया था।
साथियों बात अगर हम उनके निधन पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री सहित अनेक लोगों के शोक संदेशों की करें तो, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनके निधन पर ट्वीट कर लिखा गया है कि राजू श्रीवास्तव जी का असामयिक निधन बेहद दुखद है। अपनी हास्यपूर्ण प्रस्तुतियों से, दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने की उनमें विलक्षण प्रतिभा थी। राजू श्रीवास्तव के प्रभाव से भारत में हास्य के मंचन को नई पहचान मिली। परिवार के प्रति मेरी शोक संवेदनाएं। पीएम मोदी ने ट्वीट किया हास्य और सकारात्मकता से हमारे जीवन को रोशन किया ऐसे व्यक्त की संवेदनाएं। उनके निधन पर सिनेमा जगत से लेकर सियासत से जुड़ी तमाम हस्तियों ने शोक व्यक्तकिया। यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल से लेकर यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने संवेदना व्यक्त की है।अभिनेता,कॉमेडियन लेखक तमाम लोगों ने उनके निधन पर प्रतिक्रियाएं दी। उत्तर प्रदेश विधानसभा में कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव के निधन पर दो मिनट के लिए मौन रखा गया और दिवंगत आत्मा के लिए प्रार्थना की गई।
साथियों बात अगर हम राजू श्रीवास्तव के कैरियर की शुरुआत की करें तो, कानपुर में जन्में राजू श्रीवास्तव बॉलीवुड में काम करने के लिए मुंबई आए थे। बॉलीवुड में अपने अभिनय करियर की शुरुआत राजू ने साल 1988 में रिलीज हुई फिल्म तेजाब से की थी। उसके बाद राजू ने मैंने प्यार किया, बाजीगर, आमनी अथानी खारचा रुपया, बिग ब्रदर, बॉम्बे टू गोवा जैसी कई बॉलीवुड फिल्मों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
साथियों बात अगर हम हंसी चिकित्सक के अलावा योग्यता की करें तो, वे उत्तर प्रदेश फिल्म कार्पोरेशन के अध्यक्ष भी थे, इसके साथ-साथ भाजपा नेता भी थे। इससे पहले उन्होंने सपा की तरफ से दिए गए टिकट को वापस करते हुए पार्टी पर कुछ आरोप भी लगाए थे। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन्हें 2014 के लोकसभा चुनाव में कानपुर लोकसभा सीट से मैदान में उतारा था। हालांकि बाद में 11 मार्च 2014 को उन्होंने टिकट वापस कर दिया था। जिसके बाद वह 19 मार्च 2014 को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए।
साथियों बात अगर हम हसीं कौशलता थेरेपी के अनेक फायदों की करें तो, हंसना अपने आप में एक गुण है जो सभी विपरीत परिस्थितियों को नजरअंदाज करने खुश रहने और आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। हंसने की इसी कला के कारण इंसान स्वस्थ बना रहता है क्योंकि परेशानियों को कम समझना और जीवन की छोटी-छोटी खुशियों को जी भर के जीना ही अच्छी सेहत की निशानी है। हंसी के कई फायदे हैं। हसने की वजह से हम अपने दुख भूल जाते है, इससे हमारे स्वास्थ्य में सुधार आता है, तनाव से राहत मिलती है और हमारे विचार सकारात्मक बनते है। हंसना हमारे हृदय के लिए अच्छा है,इससे हमारे रक्त वाहिकाओं के माध्यम से होनेवाले रक्त परिसंचरण में सुधार आता है। हंसी हमारे भय और दर्द को कम करती है।

साथियों जब कोई व्यक्ति खुलकर हंसता मुस्कुराताहै तो उसके शरीर में होने वाली रासायनिक क्रियाएं भी उस पर सकारात्मक प्रभाव छोड़ती हैं। वैज्ञानिक और चिकित्सीय शोध में यह बात साबित हो चुकी है कि हंसने से मनुष्य का इम्यूनिटी सिस्टम भी मजबूत होता है। कोई बीमार व्यक्ति अगर हंसेगा-मुस्कुराएगा तो उसके रोग मुक्त होने की प्रक्रिया में सुधार होता है। भारत सहित विश्व के अनेक देशों में लाफ्टर को एक थेरेपी के रूप में स्वीकार करने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है। शहरों में लाफिग क्लब खुल रहे हैं, जहां लोग इकट्ठे होकर ठहाके लगाते हैं, मुस्कुराते हैं। लाफ्टर शो लगातार हर भाषा में आयोजित होने लगे हैं। टेलीविजन पर सहज हास्य के कार्यक्रम अन्य कार्यक्रमों की अपेक्षा ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं। स्टैंडअप कामेडी, हास्य कवि सम्मेलन,जोक्स के कार्यक्रम लोग पहले से ज्यादा संख्या में देखना पसंद कर रहे हैं। आजकल हास्य कलाकार भरपूर व्यस्त है। काफी पारिश्रमिक भी ले रहे हैं। लोगों को यह चीज समझनी होगी कि हास्य को अपने जीवन में शामिल करने से उनके व्यक्तित्व में निखार आता है। एक हास्य कवि, स्टैंड अप कामेडियन के रूप में उन्होंने संपूर्ण भारत और विश्व के अनेक देशों में जाकर परफार्म किया है। पूरी दुनियां में हास्य कलाकारों को लोग भरपूर पसंद करते हैं। व्यंग्य की एक पंक्ति लोगों को हंसाती भी है और बहुत कुछ सोचने पर मजबूर कर देती है, जो लोग हमेशा खुश रहते हैं और हंसमुख होते हैं ऐसे व्यक्ति को सभी पसंद करते हैं।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि अलविदा, कॉमेडी के नूर मनोरंजन भरपूर, हंसी चिकित्सा के धनी को सैल्यूट, हंसी और मानसिक शारीरिक और भावनात्मक स्वास्थ्य का अभूतपूर्व टानिक, हंसने से मनुष्य का इम्यूनिटी सिस्टम मज़बूत होता है।

About author

Kishan sanmukh

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

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