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अमेरिका की क्लैडिया गोल्डिन को अर्थशास्त्र विज्ञान का नोबेल पुरस्कार 2023

शाबाश ! प्रोफेसर क्लैडिया गोल्डिन महिलाओं की दुख़ती रग की रिपोर्ट के बल पर अर्थशास्त्र विज्ञान में नोबेल पुरस्कार 2023 …


शाबाश ! प्रोफेसर क्लैडिया गोल्डिन

महिलाओं की दुख़ती रग की रिपोर्ट के बल पर अर्थशास्त्र विज्ञान में नोबेल पुरस्कार 2023 पाया

अमेरिका की क्लैडिया गोल्डिन को अर्थशास्त्र विज्ञान का नोबेल पुरस्कार 2023

अमेरिका की क्लैडिया गोल्डिन को अर्थशास्त्र विज्ञान का नोबेल पुरस्कार 2023
अमेरिका की क्लैडिया गोल्डिन को अर्थशास्त्र विज्ञान

दुनियां में अर्थव्यवस्थाओं के मॉडर्नलाइजेशन के बावजूद महिलाओं की कमाई पुरुषों के मुकाबले कम पर रिसर्च में नोबेल पुरस्कार सराहनीय उपलब्धि – एडवोकेट किशन भावनानीं गोंदिया

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर सर्वविदित है कि महिलाओं का सर्वाधिक सम्मान भारत में किया जाता है। आदि अनादि काल से यहां महिलाओं को देवी तुल्य माना जाता है जो हम मां लक्ष्मी दुर्गा काली पार्वती मां सरस्वती सहित अनेकों नाम इतिहास, मान्यताओं व कहानियों में देखते सुनते रहते हैं। सबसे बड़ी उपलब्धि अभी लोकसभा में उच्च सदन में 214/0 यानें सर्वानुमति से और निचले सदन में 454/2 से महिला आरक्षण बिल याने नारी शक्ति वंदन विधेयक2023 पारित हुआ है। हालांकि इसे लागू 2029 या 2034 में करने की संभावना है। परंतु आज 9 अक्टूबर 2023 को देर शाम अमेरिका की महिला प्रोफेसर क्लॉडिया गोल्डिन को अर्थशास्त्र विज्ञान याने इकोनॉमिक्स साइंस में जिस विषय पर नोबेल पुरस्कार 2023 देने की घोषणा की गई है वह महिलाओं की दुखती रग पर 200 वर्षों के आंकड़ों की स्टडी पर आधारित है कि, दुनियां भर में अर्थव्यवस्थाओंकेमॉडर्नलाइजेशन होने के बावजूद महिलाओं की कमाई पुरुषों के मुकाबला से काफी कम है और महिलाएं किस क्षेत्र में काम कर रही है यह भी उनकी कमाई पर गहरा असर डालता है। जबकि प्रोफेसर क्लॉडिया गोल्डिन की स्टडी में यह भी सामने आया है कि महिलाओं ने पुरुषों से बेहतर शिक्षा हासिल की है, जिसका सटीक उदाहरण हम भारत में भी देख रहे हैं कि शिक्षा में माध्यम से उच्चस्तर तक भी शासकीय सेवाओं की परीक्षाओं में भी पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं बाज़ी मार रही है। वर्तमान परिपेक्ष में अगर हम हांगझोउ चीन में 23 सितंबर से 8 जुलाई 2023 को संपन्न हुए एशियाई गेम्स में भारत को 107 पदों से चौथा स्थान प्राप्त किया है, जिसमें महिला विजेता खिलाड़ियों का सराहनीय योगदान रहा है, परंतु इस सत्य को रेखांकित करना ज़रूरी है कि, महिलाओं के साथ पक्षपात और पुरुषों से उनकी कम कमाई रहती है जिसे हम एक सामान्य मेहनताने रोजगार से भी लगा सकते हैं, जिसमें यह प्रचलित है कि महिला या रेजा की रोजी 300 रुपए तो पुरुष यानी कुली की रोजी रुपए 400 इसी तरह हर संगठित और असंगठित क्षेत्र में इस तरह के रोजगार में भेदभाव है।जिसकी खाई को पटना समय की मांग है। बता दें कि यह पुरस्कार पाने वाली 55 वी शख्सियत है जबकि 1969 से 6 क्षेत्र में प्राप्त होने वाले नोबेल पुरस्कारों के अतिरिक्त इस अर्थशास्त्र विज्ञान क्षेत्र में पुरस्कार की शुरुआत होने के बाद अर्थशास्त्र का नोबेल पाने वाली यह तीसरी महिला है। इसके साथ ही 2 से 9 अक्टूबर 2023 तक चले इस घोषणा सीजन का कार्य क्षेत्र समाप्त हो गया है। चूंकि अर्थशास्त्र विज्ञान क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार अमेरिका की पुरस्कार विजेता को अपनी रिसर्च, महिलाओं को पुरुषों की अपेक्षा कम मेहनताना या कमाई मिलती है, किया है इसलिए आज हम मीडिया में उपलब्ध जानकारी के सहयोग से इस आर्टिकल के माध्यम से चर्चा करेंगे दुनियां भर की अर्थव्यवस्थाओं के मॉडर्नाइजेशन के बावजूद महिलाओं की कमाई पुरुषों के मुकाबले कम पर रिसर्च में नोबेल पुरस्कार सराहनीय उपलब्धि है।

साथियों बात अगर हम नोबेल पुरस्कार घोषणाओं के अंतिम दिन 9 अक्टूबर 2023 को देर शाम अर्थशास्त्र विज्ञान में नोबेल पुरस्कार विजेता की घोषणा की करें तो, रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने अर्थशास्त्र के लिए नोबेल पुरस्कार 2023 का एलान कर दिया है। अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में 2023 के स्वेरिग्स रिक्सबैंक पुरस्कार क्लाउडिया गोल्डिन को देने का फैसला लिया गया है। उन्हें महिलाओं के श्रम बाजार के परिणामों के बारे में हमारी समझ को उन्नत या विकसित करने के लिए यह सम्मान दिया गया है। प्रोफेसर क्लॉडिया गोल्डिन को महिलाओं के श्रम बाजार के परिणामों के बारे में हमारी समझ को बेहतर बनाने के लिए अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर क्लॉडिया गोल्डिन को साल 2023 का इकोनॉमिक्स का नोबेल पुरस्कार दिया गया है। ‘रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज’ के महासचिव हैंस एलेग्रेन ने सोमवार को यहां पुरस्कार की घोषणा की। गोल्डिन इस पुरस्कार से सम्मानित होने वाली तीसरी महिला हैं।

 
साथियों बात अगर हम अर्थशास्त्र विज्ञान में नोबेल पुरस्कार विजेता के बारे में जानने की करें तो, क्लाउडिया गोल्डिन ने सदियों से महिलाओं की कमाई और श्रम बाजार भागीदारी का पहला व्यापक विवरण मुहैया कराने का काम किया है। उनके शोध से बदलाव के कारणों और शेष लिंग अंतर के मुख्य स्रोतों का पता चला। इनके रिसर्च से पता चला कि वैश्विक श्रम बाजार में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बहुत कम है और जब वे काम करती हैं तो पुरुषों की तुलना में कम कमाती हैं। गोल्डिन ने अभिलेखों का पता लगाया और 200 वर्षों से अधिक का डेटा एकत्र किया, जिससे उन्हें यह साबित किया कि कमाई और रोजगार दरों में लिंग अंतर कैसे और क्यों बदल गया? क्लाउडिया गोल्डिन 1989 से 2017 तक एनबीईआर के अमेरिकी अर्थव्यवस्था विकास कार्यक्रम की डायरेक्टर थीं। वह एनबीईआर के ‘जेंडर इन द इकोनॉमी’ समूह की कोडायरेक्टर भी हैं। क्लाउडिया गोल्डिन की सबसे हालिया किताब करियर एंड फैमिली: वीमेन्स सेंचुरी-लॉन्ग जर्नी टुवर्ड्स इक्विटी है। गौरतलब है कि नोबल में अर्थशास्त्र पुरस्कार 1968 में स्वीडन के सेंट्रल बैंक द्वारा बनाया गया था। साल 2022 में पूर्व फेडरल रिजर्व अध्यक्ष बेन बर्नान के, डगलस डब्ल्यू डायमंड और फिलिप डायबविग को अर्थशास्त्र का नोबल मिला था। पिछले साल तीन अमेरिकी अर्थशास्त्रियों को मिला था सम्मान रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने पिछले साल अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार बेन एस बर्नान के, डगलस डब्ल्यू डायमंड और फिलिप एच डायबविग को दिए थे। इन्हें बैंकों और वित्तीय संकटों पर शोध के लिए सम्मानित किया गया था।तीनों पुरस्कार विजेताओं ने विशेष रूप से वित्तीय संकट के दौरान अर्थव्यवस्था में बैंकों की भूमिका के बारे में हमारी समझ में काफी सुधार किया था। उनके शोध में एक महत्वपूर्ण खोज यह है कि बैंकों के पतन से बचना क्यों महत्वपूर्ण है।
 
साथियों बात अगर हम अर्थशास्त्र विज्ञान में भारत द्वारा पूर्व में दो नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने की करें तो, इकोनॉमिक्स में पहला नोबेल साल 1998 में भारत के मशहूर अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन को मिला और इसके लंबे अरसे बाद, साल 2019 में दूसरा नोबेल अभिजीत बनर्जी को मिला. इन दोनों ही नोबेल पुरस्कार विजेताओं को ताल्लुक पश्चिम बंगाल से है। इन दो भारतीयों ने जीता है इकोनॉमिक्स क्षेत्र में नोबेल प्राइज, एक ही कॉलेज से की दोनों ने ग्रजेुएशन किया है।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि शाबाश ! प्रोफेसर क्लैडिया गोल्डिन – महिलाओं की दुख़ती रग की रिपोर्ट के बल पर नोबेल पुरस्कार 2023 पाया।अमेरिका की क्लैडियागोल्डिन को अर्थशास्त्र विज्ञान का नोबेल पुरस्कार 2023दुनियां में अर्थव्यवस्थाओं के मॉडर्नलाइजेशन के बावजूद महिलाओं की कमाई पुरुषों के मुकाबले कम पर रिसर्च में नोबेल पुरस्कार सराहनीय उपलब्धि है।

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kishan bhavnani

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट 

किशन सनमुख़दास भावनानी 

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