Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, lekh

अमीर और गरीब की परिभाषा!

अमीर और गरीब की परिभाषा! जिंदगी में कोई किसी चीज से अमीर होता है तो कोई किसी चीज से गरीब! …


अमीर और गरीब की परिभाषा!

अमीर और गरीब की परिभाषा!
जिंदगी में कोई किसी चीज से अमीर होता है तो कोई किसी चीज से गरीब! अमीर सिर्फ इंसान पैसों से ही नहीं होता है और गरीब भी इंसान सिर्फ पैसों से ही नहीं होता है! हम जिंदगी से जो बहुत ज्यादा मांगते हैं, या किसी मनुष्य से मांगते हैं उस वस्तु को, वह इंसान गरीब ही होता है! कोई प्यार से गरीब, तो कोई समझदारी में गरीब, कोई तकनीकी व्यवसाय में गरीब, तो कोई रंग रूप से, ऐसा इंसान हमेशा कोशिश करता है कि उसे वह चीज कैसे मिले!

अक्सर देखा गया है, धन होने से लोग यह सोचते हैं कि वह बहुत अमीर हो गए, एक अलग सा अभिमान उन्हें स्वयं पर होता है!
पर फिर भी कहीं ना कहीं किसी ना किसी चीज के लिए वह बहुत तड़प रहे होते है! बहुत सारा धन होने के बावजूद भी, उनकी जिंदगी में बहुत सी चीजों में खालीपन होता है, जिसे वह पूरी कोशिश करके भरना चाहते हैं पर सच तो यह है कि हम हमेशा किसी ना किसी चीज में अमीर होंगे और गरीब होंगे तो अभिमान ,अहंकार की बात तो यहीं खत्म हो जाती है!
अगली बार से कभी हम किसी से कहें तो हमें यह कहना चाहिए कि आप पैसों से अमीर है या मैं पैसों से अमीर हूं, हम यह भी कह सकते हैं कि मैं पैसों से तो नहीं पर ज्ञान, समझदारी, प्रेम और खुशी से अमीर हूं!

मैंने अक्सर पैसों से गरीब को भी बहुत खुश रहते हुए और जो व्यक्ति पैसों से अमीर हे उसको भी बहुत रोते हुए, मानसिक तनाव में, नशे में धुंध और परेशान होते हुए देखा क्योंकि कोई व्यक्ति पैसों से गरीब होता है तो खुशियों से अमीर होता है!

हमें जिंदगी में संतुष्ट होने की अधिक कोशिश करनी चाहिए, कोशिश यह भी हो कि हम जो चाहे हमें वह मिले पर स्वयं की काबिलियत से! कभी-कभी हम कुछ पाने के लिए दूसरों को परेशान करते हैं जैसे बच्चों का मम्मी पापा को परेशान करना, बड़े होने के बावजूद भी वह आर्थिक रूप से स्वतंत्रता ना होते हुए उनसे हर चीज मांगते हैं साथ ही यह बात हम सफर पर भी! कभी-कभी तो कुछ लोग एक दूसरे को चाहने लगते हैं और वह एक दूसरे को कम उनके सौंदर्य और उनके धन को ज्यादा, इस पर यह भी होता है कि सामने वाला व्यक्ति को जब यह बात समझ आने लगती है तो वह उस स्वार्थी इंसान से दूर होने लगता है पर उनमें से कुछ लोग चाह के चक्कर में पीछे ही पड़ जाते हैं! अगर कोई आपको ना पसंद करता है तो आप उस को मजबूर नहीं कर सकते आपको अपना सम्मान करना चाहिए और स्वयं को ऐसा बनाएं कि आपको उससे भी बेहतरीन व्यक्ति मिले!

ईश्वर अक्सर हमें, हमारी काबिलियत को देखते हुए ही हमें हर वस्तु प्रदान करता है, अगर हमें किसी से मांगना है तो उसी से मांगे और उसके लिए कोशिश भी करें!
परमात्मा भी उसी की सहायता करता है जो स्वयं की सहायता करना जानते हैं!
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है, पूरी कोशिश करें कि हम संतुष्ट रहे और जो भी मिलता जा रहा है एवं जो हमारे जीवन में उन सभी की कदर करें, सभी इंसानों की, सभी रिश्तो की, सभी दोस्तों की, सारी परिस्थितियों की, वरना हमारे पास जो है, हम वह भी खो देंगे जो नहीं है उसको पाने के चक्कर में!

चाहे कोई भी परिस्थिति हो, इंसान हो, रिश्ता हो या कोई वस्तु हो अगर वह हमारी है तो हमारे पास ही रहेगी, जो हमारी नहीं है उसके लिए हम कभी-कभी कितना भी प्रयत्न कर ले वह मैं नहीं मिल पाएगी, इसलिए जो हमारे पास है उसके लिए शुक्रगुजार होते हैं और जो नहीं है उसको भी यह सोचकर प्रयत्न करते हैं, मिला तो ठीक नहीं तो जो है उसमें भी खुश!

देखिए हमें जीवन मैं संतुलन बना के रखना चाहिए, अगर हम किसी भी चीज में दुनिया के सबसे अमीर हो जाए तो उनमें से बहुत चीज होगी जिसमें हम गरीब रहेंगे साथ ही साथ हमें जीवन में किसी भी चीज के लिए भिकारी नहीं होना है, हम सभी में आत्म सम्मान पूर्ण रूप से होना चाहिए!

तो चलिए जीवन में संतुलन लाए,
हक हलाल की कमाई करके खाए,
कोई पैसों से गरीब, तो कोई हुनर से और कोई शक्ल सूरत से,
स्वयं के जीवन में संतुलन लाएं!

डॉ. माध्वी बोरसे!
क्रांतिकारी लेखिका!
राजस्थान (रावतभाटा)


Related Posts

क्या माता पिता का अपमान कर आध्यात्मिक सेवा फलीभूत

September 26, 2023

क्या माता पिता का अपमान कर आध्यात्मिक सेवा फलीभूत होगी ? श्रद्धेय आध्यात्मिक बाबाओं द्वारा अपने प्रवचन में, माता-पिता की

राजनीति में महिलाओं की डमीं नहीं वास्तविक भागीदारी की ज़रूरत

September 26, 2023

राजनीति में महिलाओं की डमीं नहीं वास्तविक भागीदारी की ज़रूरत चुनाव जीतकर आई महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों पर उनके परिजनों

भारत-कनाडा विवाद पर दुनियां की नज़र

September 26, 2023

भारत-कनाडा विवाद पर दुनियां की नज़र – कनाडा नाटो, जी-7, फाइव आइज़ का सदस्य तो भारत पश्चिमी देशों का दुलारा

वैश्विक महामंदी से हो सकता है सामना

September 26, 2023

2024 की कामना – वैश्विक महामंदी से हो सकता है सामना दुनियां में वर्ष 2024 में महामंदी छाने की संभावनां

सरकार ऐडेड विद्यालयों का राजकीयकरण

September 26, 2023

सरकार ऐडेड विद्यालयों का राजकीयकरण कर दे, 18 वर्ष पूर्व छीनी गई पुरानी पेंशन को वापस लौटा दे, आज से

कवि पृथ्वी सिंह बैनीवाल के काव्य मे पर्यावरण चेतना

September 26, 2023

कवि पृथ्वी सिंह बैनीवाल के काव्य मे पर्यावरण चेतना– डॉक्टर नरेश सिहाग एडवोकेट अध्यक्ष एवं शोध निर्देशक, हिंदी विभाग, टांटिया

PreviousNext

Leave a Comment