Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, vijay_lakshmi_pandey

अभी पूस मनाते हैं.- विजय लक्ष्मी पाण्डेय

अभी पूस मनाते हैं. किसी नें मुझसे कहा -दिसम्बर जा रहा है, मैंनें कहा- पूस सता रहा है..!!उसनें कहा–जनवरी आएगीहाड़ …


अभी पूस मनाते हैं.

अभी पूस मनाते हैं.- विजय लक्ष्मी पाण्डेय
किसी नें मुझसे कहा -दिसम्बर जा रहा है,

मैंनें कहा- पूस सता रहा है..!!
उसनें कहा–जनवरी आएगी
हाड़ भी कँपायेगी…!!

मैंनें कहा–क्या बिगाड़ लेगी..?
हम शुद्ध भारतीय हैं..!!
जनवरी नहीं माघ मनाते हैं,
कुम्भ मेला ख़ूब नहाते हैं…

जगह -जगह अलाव जलाते हैं,
चौपालें जम कर लगाते हैं..!!
कहीं आलू तो कहीं
गुड़ भी पकाते हैं ..!!

अंग्रेजी ज़बान फिर आगे आई,
पर सफ़ेद चादर जनवरी ही तो लाई..!!
अरे, कहाँ की बात..कहाँ की आई..!!
हमारे बाजारों में तो छा गई सफ़ेद लाई..!!

कहीं काले तो कहीं सफेद तिल के लड्डू,
कहीं रेवड़ी बेटी बहनों के घर तक पहुचाई..!!
हमनें तो माघ में खिचड़ी जम के मनाई
फूल गोभी और मूली में सफ़ेदी पाई..!!

उसनें कहा–दो हजार इक्कीस जानें वाला है,
नया साल आनें वाला है..!!
मैंनें कहा–हमारे खगोल शास्त्री चैत्र में नया साल बताते हैं
ढोल ताशे भी बजाते हैं…!!

पूरे देश में बासन्ती लहराते हैं,
सब एक रंग में रंग जाते हैं..!!
दिशाएँ मुदित हो जाती हैं,
प्रकृति झूम के गाती है..!!

ये “विजय” नया साल चैत्र में मनाती है,
अगर गुलाल भी उड़ाती है..!!
बिछड़ों को ढूँढ़ लाती है
प्रेम से गले लगाती है..!!

फ़िलहाल…!!
अभी पूस मनाते हैं…!!
अभी पूस मनाते हैं..!!

✍️✍️
विजय लक्ष्मी पाण्डेय
एम. ए., बी.एड.(हिन्दी)
स्वरचित मौलिक रचना
आजमगढ़,उत्तर प्रदेश


Related Posts

Tum kahani aur kavita ho

February 7, 2022

तुम कहानी और कविता हो तुम पर मैंने कई कहानीयां और कविता लिखी।पर , फिर भीतुम्हें पूरा नहीं लिख पाया।कहानी और

ठंडी हवा में तुम्हारी खुशबू-सतीश सम्यक

February 7, 2022

ठंडी हवा में तुम्हारी खुशबू रात के सफर मेंजयपुर से नोहर तकआने वाली बसके अंन्दर बैठा था मैं। लगभग भागपाटी

चंद्रमा, चांद, शशि!

February 7, 2022

चंद्रमा, चांद, शशि! सूर्य के बाद सबसे चमकीला ग्रह,सबसे बड़ा प्राकृतिक उपग्रह,रात्रि को शीतलता प्रदान करता,यह चंद्रमा, चंद्र, शशि के

पृथ्वी बोल पड़ी!

February 7, 2022

 पृथ्वी बोल पड़ी! मैं हूं सौरमंडल की सबसे सुंदर ग्रह, जहां जीव जंतु का जीवन है संभव, निवास करती है

क्या गवायां हैं आज

February 7, 2022

क्या गवायां हैं आज हर करम अपना करेंगे ए वतन तेरे लिएकहने वाली वह आवाज जो शांत हो गई हैंभर

विश्व प्रसिद्ध भारत के अनमोल संस्कार

February 7, 2022

कविताविश्व प्रसिद्ध भारत के अनमोल संस्कार विश्व प्रसिद्ध भारतीय संस्कार अनमोल मोती है रोज़ माता-पिता चरण स्पर्श से शुरुआत होती

Leave a Comment