Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Akshay_bhandari, poem

अनेकता में एकता की नगर चौरासी-अक्षय भंडारी

अनेकता में एकता की नगर चौरासी अनेकता में एकता की नगर चौरासीहम सुनाते है एक ये प्यारी बात,ये है हमारी …


अनेकता में एकता की नगर चौरासी

अनेकता में एकता की नगर चौरासी-अक्षय भंडारी

अनेकता में एकता की नगर चौरासी
हम सुनाते है एक ये प्यारी बात,
ये है हमारी नगर चौरासी की बात।
ये बात है हमारे राजगढ़(धार) की
जहां दिखती है रोनक त्यौहारो की,
परंपरा है निभती मेरे राजगढ़(धार) में
एक प्यारा सा भारत जैसे बसता है
हर एक की निगाहों में
सुना है हमने राजगढ़(धार) की मिट्टी की है
एक खास बात सबको अपनो से
जोड़े रखती है ये ना करती कोई भेदभाव।
नगर चौरासी देती सन्देशा यही
हम सब एक है इसकी बात यही
एक पंगत बैठ भोजन प्रसाद करे
सभी धर्म और जाति एकसमान हक से रहे।
सबकी जुबान अलग ही सही,
पर हर कदम एकसाथ चले,
अनेकता में एकता की आओ
हम कायम मिसाल करें।
पंगत में बैठकर अच्छी संगत
के साथ आओ कुछ इस मिट्टी की बात करें
हमारा नगर चौरासी है सबसे निराला
ये बात को हम आज साकार करें
दुनिया को देती यही प्रेरणा।
नगर चौरासी ओर देती है एक संदेश,
प्यार से रहकर काम बने सब, कलेश से बिगडे काम,
सारी दुनिया करें वाहवाही, रौशन करियो नाम,
मिलजुलकर करे सबकाम
हम और मिलकर ये देश को बनाए महान।

परिचय :- अक्षय भंडारी
निवासी : राजगढ़ जिला धार
शिक्षा : बीजेएमसी
सम्प्रति : पत्रकार व सामाजिक कार्यकर्ता


Related Posts

चाह-तेज देवांगन

January 7, 2022

शीर्षक – चाह हम जीत की चाह लिए,गिरते, उठते पनाह लिए,निकल पड़े है, जीत की राह में,चाहे कंटक, सूल, खार

हे नववर्ष!-आशीष तिवारी निर्मल

January 6, 2022

हे नववर्ष! तुम भी दगा न करना आओ हे नववर्ष!तुम हमसे कोई दग़ा न करना बीते जैसे साल पुराने वैसी

लाऊं तो कैसे और कहां से-जयश्री बिरमी

January 6, 2022

लाऊं तो कैसे और कहां से कहां से लाऊ वो उत्साह जो हर साल आता थाकहां से लाऊं वह जोश

बहरूपिया-जयश्री बिरमी

January 6, 2022

बहरूपिया जब हम छोटे थे तो याद आता हैं कि एक व्यक्ति आता था जो रोज ही नया रूप बना

लो जिंदगी का एक और वर्ष बीत गया- तमन्ना मतलानी

January 6, 2022

नन्हीं कड़ी में…. आज की बात  लो जिंदगी का एक और वर्ष बीत गया… कविता लो जिंदगी का एक और वर्ष बीत

कोशिश-नंदिनी लहेजा

January 6, 2022

विषय-कोशिश कोशिश करना फ़र्ज़ तेरा, बन्दे तू करता चल।भले लगे समय पर तू, निश्चित पाएगा फल।रख विश्वास स्वयं पर, और

Leave a Comment