Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस 12 अगस्त 2022 पर विशेष

अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस 12 अगस्त 2022 पर विशेष आओ पीढ़ियां हाथ मिलाए अंतर पीढ़ीगत एकजुटता, सभी उम्र के लिए एक …


अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस 12 अगस्त 2022 पर विशेष
आओ पीढ़ियां हाथ मिलाए

अंतर पीढ़ीगत एकजुटता, सभी उम्र के लिए एक दुनिया बनाना

विकास के मार्ग में बाधाओं को तोड़ने, युवा शक्ति और उचित मार्गदर्शन की भागीदारी से भारत को फिर सोने की चिड़िया का दर्जा हासिल हो सकता है – एडवोकेट किशन भावनानी


गोंदिया – वैश्विक स्तरपर अगर तजुर्बेदार, बड़ों, अनुभवी ताउम्र लोगों और बड़े बुजुर्गों का मानसम्मान, एकजुटता की बात करें तो आदि अनादि काल से यह भारत में रही है क्योंकि भारत की संस्कृति सभ्यता और यहां की मिट्टी में ही ऐसे गुणों की खान है जो जन्म से ही प्राणी के दिलों दिमाग में बस जाती है। परंतु वर्तमान परिपेक्ष में पश्चिमी संस्कृति के सैलाब में इस उचित मार्गदर्शन की भागीदारी का कमजोर होना रेखांकित किया जा सकता है। जबकि आधुनिक नवीनतम नए भारत में युवाओं की संख्या तीव्रता से बढ़ रही है इसलिए क्योंकि 12 अगस्त 2022 को अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस है इसलिए आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से युवा शक्ति और हमारे बड़ों, अनुभवी, ताउम्र लोगों,याने अंतर पीढ़ी गत एकजुटता को कायम करने पर चर्चा करेंगे।
सथियों बात अगर हम वर्तमान परिपेक्ष में भारत की युवा शक्ति की करें तो, भारत युवाओं का देश हैं, पूरे विश्व में भारत को युवाओं का देश कहा जाता है। हमारे देश में 35 वर्ष की आयु तक के 65 करोड़ युवा हैं। अर्थात् हमारे देश में अथाह श्रमशक्ति उपलब्ध है। आवश्यकता है आज हमारे देश की युवा शक्ति को उचित मार्ग दर्शन देकर उन्हें देश की उन्नति में भागीदार बनाने की, उनमे अच्छे संस्कार, उचित शिक्षा एवं प्रोद्यौगिक विशेषज्ञ बनाने की, उन्हें बुरी आदतों जैसे- नशा, जुआ, हिंसा इत्यादि से बचाने की। क्योंकि चरित्र निर्माण ही देश की, समाज की, उन्नति के लिए परम आवश्यक है। दुश्चरित्र युवा न तो अपना भला कर सकता है, न समाज का और न ही अपने देश का। देश के निर्माण के लिए, देश की उन्नति के लिए, देश को विश्व के विकसित राष्ट्रों की पंक्ति में खड़ा करने के लिए युवा वर्ग को ही मेधावी, श्रमशील, देश भक्त और समाज सेवा की भावना से ओत प्रोत होना होगा।
साथियों बात अगर हम देश के युवाओं को विलासिता सुख सुविधा के मोह में देश की जमीन छोड़कर प्रवासन की करें तो, आज विश्वभर में अधिकतर युवा विलासिता और सुख-सुविधा को देखते हुए अपनी देश की जमीन को छोड़कर दूसरी जगह जा रहे हैं, जिससे राष्ट्र निर्माण में दिक्कतें आ रही हैं। युवा किसी भी राष्ट्र की शक्ति होते हैं और विशेषकर भारत जैसे महान् राष्ट्र की ऊर्जा तो युवाओं में ही निहित है। ऐसे में अगर युवाओं का भारी संख्या में प्रवासन होता है तो इससे न केवल उस राष्ट्र की अक्षमता प्रदर्शित होती है, जो अपने नौजवानों को पर्याप्त साधन नहीं दे सकता बल्कि इससे देश की विकास का सशक्त आधार भी समाप्त हो जाता है।
साथियों इसलिए युवाओं को चाहिए कि अपनी क्षमता का लाभ अपनी मिट्टी में से जुड़कर देश सेवा में हाथ बताएं इसलिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी कहा है, इस महत्वपूर्ण दिन पर, बाधाओं को तोड़ने के लिए पीढ़ियों से हाथ मिलाएं, और सभी लोगों के लिए एक अधिक न्यायसंगत, न्यायपूर्ण और समावेशी दुनिया प्राप्त करने के लिए एक के रूप में काम करें।

साथियों बात अगर हम वर्तमान मानव विकास गति की करें तो, वर्तमान सदी में युवा वर्ग मानव सभ्यता के ऐसे मुकाम पर खड़ा है, जब मानव विकास गति का रथ जेट विमान की गति से भाग रहा है। यह तीव्र विकास गति जहाँ अनेकोंउपलब्धियां-सुविधाएँ और चमत्कार लेकर आ रही है, वहीँ युवा वर्ग के लिए तीव्र गति से भागने की क्षमता पा लेने की चुनौती भी। क्योंकि यदि युवा वर्ग इतना क्षमतावान है की वह तेज़ीसे हो रहे परिवर्तन को समझ सके, उसे अपना सके, नयी खोजों, नयी तकनीकों की जानकारी प्राप्त कर अपनी कार्यशैली परिवर्तित कर सके, तो ही वह अपने जीवन को सम्मानजनक एवं सुविधा संपन्न बना सकता है, और विश्व स्तर पर अपने अस्तित्व को बनाये रख सकता है। प्रतिस्पर्द्धा की कड़ी चुनौतियों को स्वीकार करना ही सुरक्षित भविष्य की गारंटी है। आज के युवा वर्ग को विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्द्धा में शामिल होना आवश्यक हो गया है।
साथियों बात अगर हम युवाओं द्वारा अपने समय के सदुपयोग के मूल्यों की करें तो, आज के युवा वर्ग को अपने विद्यार्थी जीवन में अध्ययनशील, संयमी, चरित्र निर्माण के लिए आत्मानुशासन लाकर अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाने के प्रयास करने चाहिए। जिसके लिए समय का सदुपयोग आवश्यक है। विद्यालय को मस्ती की पाठशाला समझ कर समय गंवाने वाले युवा स्वयं अपने साथ अन्याय करते हैं, जिसकी भारी कीमत जीवन भर चुकानी पड़ती है। बिना शिक्षा के कोई भी युवा अपने जीवन को सुचारू रूप से चलाने में अक्षम रहता है। चाहे उसके पास अपने पूर्वजों का बना बनाया, स्थापित कारोबार ही क्यों न हो। या वह किसी राजनयिक या प्रशासनिक अधिकारी की संतान ही क्यों न हो। इसी प्रकार बिना शिक्षा के जीवन में कोई भी कार्य, व्यापार, व्यवसाय उन्नति नहीं कर सकता। यदि कोई युवा अपने विद्यार्थी जीवन के समय का सदुपयोग कर अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लेता है तो मनोरंजन, मस्ती और ऐश के लिए पूरे जीवन में भरपूर अवसर मिलते हैं। वर्तमान समय में युवा विद्यार्थियों को रोजगार परक शिक्षा पर ध्यान देना चाहिए, अर्थात् प्रोद्यौगिकी से सम्बंधित विषयों में विशेषज्ञता प्राप्त करनी चाहिए। जो देश की उन्नति में योगदान देने के साथ-साथ रोजगार की असीम संभावनाएं दिलाती है।
साथियों बात अगर हम वैश्विक युवा शक्ति की करें तो, युवा विकास के लिए एक सकारात्मक शक्ति हो सकते हैं जब उन्हें ज्ञान और अवसर प्रदान किए जाते हैं जिनकी उन्हें आवश्यकता होती है। आज, 15 से 24 वर्ष की आयु के 1.2 अरब युवा हैं, जो वैश्विक आबादी का 16 प्रतिशत है। 2030 तक – 2030 एजेंडा बनाने वाले सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के लिए लक्ष्य तिथि – युवाओं की संख्या 7 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1.3 बिलियन होने का अनुमान है, हमारे ग्रह पर आधे लोग 30 या उससे कम उम्र के हैं, और यह 2030 के अंत तक 57 फ़ीसदी तक पहुंचने की उम्मीद है।सर्वेक्षण से पता चलता है कि 67 फ़ीसदी लोग बेहतर भविष्य में विश्वास करते हैं, जिसमें 15 से 17 वर्ष के बच्चे इस बारे में सबसे अधिक आशावादी हैं।अधिकांश लोग इस बात से सहमत हैं कि राजनीति में उम्र का संतुलन गलत है। सभी आयु समूहों के दो तिहाई (69 फ़ीसदी) से अधिक लोग इस बात से सहमत हैं कि नीति विकास/परिवर्तन में युवा लोगों के लिए अधिक अवसर राजनीतिक व्यवस्था को बेहतर बनाएंगे। विश्व स्तर पर, केवल 2.6 फ़ीसदी सांसद 30 वर्ष से कम उम्र के हैं, और इनमें से 1 फ़ीसदी से भी कम युवा सांसद महिलाएं हैं।

साथियों बात अगर हम इस दिवस के उद्देश्यों की करें तो, अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस 2022 का उद्देश्य इस संदेश को बढ़ाना है कि सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को प्राप्त करने के लिए सभी पीढ़ियों के लिए कार्रवाई की आवश्यकता है और किसी को पीछे नहीं छोड़ना है। यह अंतर-पीढ़ीगत एकजुटता, विशेष रूप से आयुवाद, जो युवा और वृद्ध व्यक्तियों को प्रभावित करता है, के लिए कुछ बाधाओं पर जागरूकता बढ़ाएगा, जबकि समग्र रूप से समाज पर हानिकारक प्रभाव पड़ेगा। देश के युवाओं की आवाज, कार्यों और उनके द्वारा किए गये आविष्कार को देश–दुनिया तक पहुंचाना है। युवाओं की समस्या को अन्तर्राष्ट्रीय संगठन जैसे संयुक्त राष्ट्र , मानवाधिकार तक पहुंचाना है। कोरोना के बाद पहली बार अन्तर्राष्ट्रीय युवा दिवस कार्यक्राम आयोजित हुए है, विभिन्न मुद्दे पर चर्चा हुई और राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक मुद्दे में अपनी चर्चा की।
साथियों बात अगर हम अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के इतिहास की करें तो, अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा दिसम्बर, 1999 में की गयी थी। इसके लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 54/120 प्रस्ताव पारित किया था। पहली बार 12 अगस्त, 2000 को अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया गया था। विश्व में युवाओं की जनसंख्या को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने यह फैसला लिया कि प्रत्येक वर्ष 12 अगस्त को विश्व युवा दिवस मनाया जायेगा। 1985 में संयुक्त राष्ट्र ने अन्तर्राष्ट्रीय युवा दिवस मनाने की घोषणा की गयी थी।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस 12 अगस्त 2022 पर विशेष है।आओ पीढ़ियां हाथ मिलाए अंतरपीढ़ी को एकजुटता, सभी उम्र के लिए एक दुनिया बनाना। विकास के मार्ग में बाधाओं को तोड़ने युवा शक्ति और उचित मार्गदर्शन की भागीदारी से भारत को फिर सोने की चिड़िया का दर्जा हासिल हो सकता है।

About author

Kishan sanmukh

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

Related Posts

सुख–दुख पर कविता

December 15, 2022

कविता–जिंदगी सुखों और दुखों का ख़ूबसूरत मेल है जिंदगी में उतार-चढ़ाव बस एक ख़ूबसूरत खेल है जिंदगी सुखों और दुखों

नाथु ला दर्रा से तवांग तक वाइब्रेंट बॉर्डर योज़ना से बौखलाया विस्तारवादी देश

December 15, 2022

नाथु ला दर्रा से तवांग तक वाइब्रेंट बॉर्डर योज़ना से बौखलाया विस्तारवादी देश भारत सरकार बॉर्डर एरियाओं में लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर

महिलाओं की श्रम शक्ति भागीदारी में बाधाएं

December 15, 2022

Working indian women  महिलाओं की श्रम शक्ति भागीदारी में बाधाएं मौजूदा पितृसत्तात्मक मानदंड सार्वजनिक या बाजार सेवाओं को लेने में

अमेरिका का बयान – दुनिया हैरान | America’s statement – the world was shocked

December 12, 2022

भारत अब अमेरिका का सिर्फ़ सहयोगी नहीं बल्कि तेज़ी से उभरती हुई विश्व की महाशक्ति है भारत तरक्की की बुलंदियों

व्यंग्य कविता -मासिक शासकीय पगार चौदह हज़ार है

December 12, 2022

 यह व्यंग्यात्मक कविता भ्रष्टाचार की हदें पार है?क्योंकि मेरा वेतन केवल चौदह हज़ार है।पर एक महीनें में मेरा खर्चा लाखों

कामकाजी महिला से रत्ती भर कमतर नहीं गृहिणी | housewife is not an iota less than a working woman.

December 11, 2022

“कहते है लोग वक्त ही वक्त है उसके पास, खा-पीकर टीवी ही देखती रहती है कहाँ कोई काम खास, करीब

Leave a Comment