Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Kavita ek seema jaruri hai by jitendra kabir

 एक सीमा जरूरी है रिश्तों में अनुचित मांग पर एक बार जब हम झुक जाते हैं, तो आने वाले बहुत …


 एक सीमा जरूरी है

Kavita ek seema jaruri hai by jitendra kabir


रिश्तों में अनुचित मांग पर

एक बार जब हम झुक जाते हैं,

तो आने वाले बहुत समय के लिए

झुकने का एक सिलसिला सा

शुरू कर जाते हैं।

सामने वाला समझने लगता है

ऐसा करना जन्मसिद्ध अधिकार अपना

और हम इसे कलह टालने के लिए

एक जरूरी बलिदान समझने

लग जाते हैं।

रिश्तों में जरूरत से ज्यादा

जब हम किसी की मदद करने 

लग जाते हैं

तो जीवन की कठिनाईयों का सामना

करने में उसे 

पंगु बनाने की शुरुआत कर जाते हैं।

सामने वाला समझने लगता है

मदद पाना जन्मसिद्ध अधिकार अपना

और नहीं हो पाए मदद कभी

तो रिश्ते टूटने की कगार पर पहुंच जाते हैं।

                                    जितेंद्रकबीर

साहित्यिक नामजितेन्द्रकबीर

संप्रतिअध्यापक

पताजितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश



Related Posts

हे प्रभु हमें दो शक्ति – बच्चों की प्रेरक प्रार्थना कविता

हे प्रभु हमें दो शक्ति – बच्चों की प्रेरक प्रार्थना कविता

December 31, 2025

हे प्रभु, हमें दो शक्ति प्यारी, सच्चे राह पर चलने की जोड़ी, दूसरों के दिलों में प्यार बढ़ाएं, हर काम

आम फल का राजा – बच्चों के लिए प्यारी बाल कविता

आम फल का राजा – बच्चों के लिए प्यारी बाल कविता

December 31, 2025

आम फलों का राजा है, मीठा-मीठा ताजा है। गर्मी में यह आता है, सबके मन को भाता है। पीला, हरा,

नीम का पेड़ – बच्चों के लिए प्रेरक बाल कविता

नीम का पेड़ – बच्चों के लिए प्रेरक बाल कविता

December 31, 2025

हमारे आंगन में है एक पेड़, नीम का पेड़, बड़ा ही गढ़। छांव देता, हवा भी ठंडी, उसके नीचे लगे

कुएँ की खामोशी

कुएँ की खामोशी

December 15, 2025

मन करता है मैं उसी कुएँ से नहाऊँ, पानी भरूँ जहाँ कभी परिवार के सभी लोग हँसी के छींटों में

रसेल और ओपेनहाइमर

रसेल और ओपेनहाइमर

October 14, 2025

यह कितना अद्भुत था और मेरे लिए अत्यंत सुखद— जब महान दार्शनिक और वैज्ञानिक रसेल और ओपेनहाइमर एक ही पथ

एक शोधार्थी की व्यथा

एक शोधार्थी की व्यथा

October 14, 2025

जैसे रेगिस्तान में प्यासे पानी की तलाश करते हैं वैसे ही पीएच.डी. में शोधार्थी छात्रवृत्ति की तलाश करते हैं। अब

Next

Leave a Comment