अभी -अभी कारवां गुजरेगा
अरे! अभी – अभी चौराहे की
सड़कें जाम होगी
नहीं पता
क्यों?
कारवां गुज़रेगा
सरकार की
कड़ी निगरानी के बीच
परिंदों को भी इजाजत नहीं
गुजरे उस सड़कों के ऊपर से
इंसानों की हिमाकत
क्या?
चौराहे पर अचल का वातावरण होगा
जाम की कतारें लम्बी-लम्बी और लम्बी होगी
बीच फसा आम आदमी का
हाल बेहाल होगा
किसी का चेहरा, आंखें लाल तो
किसी का पियर………..
कईयों की सांसे फूलेगी
कईयों की टूटेगी
कईयों का प्रेम छुटेगा
अरे! सरकार की कारवां में
कुछ का मोहभंग टूटेगा
इतना तो होता है, हुआ है और होगा
बड़ा आश्चर्य तब न होगा
कारवां गुज़रते वक़्त
अफ़रा-तफ़री , भगदड़ मचेगी
दंगा होगा और दंगाई अपने रंग में होगा
निर्दोष कुछ लोग मारे जाएंगे
चित्कार,रूदन और मातम बीच
सरकार का कारवां सुरक्षित गुजर जाएंगा
और रह जाएंगा वातावरण में चित्कार का शोर
जो धीमा पड़ शून्य में विलीन हो जाएंगा
फिर शुरू होगा सरकार द्वारा
लासो का सिनाख्त
बहुत सारे लासो की कतारों में
पाया जाएंगा दंगईयो द्वारा रौंदा
पास-पास पड़े दो गुलाब!
(कवि बिनोद कुमार रजक) प्रभारी शिक्षक न्यु डुवार्स हिंदी जुनियर हाईस्कूल , पोस्ट-चामुरची बानरहाट , जिला-जलपाईगुड़ी
, राज्य-पश्चिम बंगाल ७३५२०७
शिक्षा-म ए०,बी ए०,बी एड,यु जी सी नेट






