Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

कविता -मां का वात्सल्य प्रेमामई ममता

 कविता -मां का वात्सल्य प्रेमामई ममता मां वात्सल्य प्रेमामई ममता  मिलती हैं सभको कोई अच्छूता नहीं कद्र करने की बात …


 कविता -मां का वात्सल्य प्रेमामई ममता

कविता -मां का वात्सल्य प्रेमामई ममता

मां वात्सल्य प्रेमामई ममता 

मिलती हैं सभको कोई अच्छूता नहीं

कद्र करने की बात है, 

कोई करता कोई नहीं

मां का आंचल अपने सपूतों के लिए 

हरदम खुला बंद नहीं

अपनी तकलीफों दुखों से घिरी

पर ममता की छांव हटाई नहीं

चार बातें कड़वी भी सुनीं तुम्हारी 

पर ममता की छांव हटाई नहीं

तुमने कद्र भले की हो या नहीं

पर मां ने ममता घटाई नहीं

मां की ममता मिलती हैं सभको 

कोई अच्छूता नहीं

कद्र करने की बात है 

कोई करता कोई नहीं

हैं ऐसे भी कुछ लोग मां की ममता का 

आंकलन करते नहीं

बस दिखावे में जीतें हैं मां की ममता 

का सम्मान करते नहीं

समझ लो ऐसे लोगों, मां की ममता 

नसीब करेगा भगवान भी नहीं

बस मां की ममता आंचल में समाए रहो 

फिर पूजा पाठ की जरूरत नहीं

मां का वात्सल्य प्रेमा मई ममता 

मिलती हैं सभको कोई अच्छूता नहीं

कद्र करने की बात है 

कोई करता कोई नहीं

लेखक – साहित्यकार, स्तंभकार, कर विषेज्ञ, कानूनी लेखक, चिंतक, कवि, एडवोकेट किशन भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

हे प्रभु हमें दो शक्ति – बच्चों की प्रेरक प्रार्थना कविता

हे प्रभु हमें दो शक्ति – बच्चों की प्रेरक प्रार्थना कविता

December 31, 2025

हे प्रभु, हमें दो शक्ति प्यारी, सच्चे राह पर चलने की जोड़ी, दूसरों के दिलों में प्यार बढ़ाएं, हर काम

आम फल का राजा – बच्चों के लिए प्यारी बाल कविता

आम फल का राजा – बच्चों के लिए प्यारी बाल कविता

December 31, 2025

आम फलों का राजा है, मीठा-मीठा ताजा है। गर्मी में यह आता है, सबके मन को भाता है। पीला, हरा,

नीम का पेड़ – बच्चों के लिए प्रेरक बाल कविता

नीम का पेड़ – बच्चों के लिए प्रेरक बाल कविता

December 31, 2025

हमारे आंगन में है एक पेड़, नीम का पेड़, बड़ा ही गढ़। छांव देता, हवा भी ठंडी, उसके नीचे लगे

कुएँ की खामोशी

कुएँ की खामोशी

December 15, 2025

मन करता है मैं उसी कुएँ से नहाऊँ, पानी भरूँ जहाँ कभी परिवार के सभी लोग हँसी के छींटों में

रसेल और ओपेनहाइमर

रसेल और ओपेनहाइमर

October 14, 2025

यह कितना अद्भुत था और मेरे लिए अत्यंत सुखद— जब महान दार्शनिक और वैज्ञानिक रसेल और ओपेनहाइमर एक ही पथ

एक शोधार्थी की व्यथा

एक शोधार्थी की व्यथा

October 14, 2025

जैसे रेगिस्तान में प्यासे पानी की तलाश करते हैं वैसे ही पीएच.डी. में शोधार्थी छात्रवृत्ति की तलाश करते हैं। अब

Next

Leave a Comment