Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

जो सबसे जरूरी है- जितेन्द्र ‘कबीर’

जो सबसे जरूरी है एक दृश्य अक्सर दिख जाता है मुझे अपने आस-पास… चार कंधों पर अपनी आखिरी यात्रा परनिकले …


जो सबसे जरूरी है

जो सबसे जरूरी है- जितेन्द्र 'कबीर'
एक दृश्य अक्सर दिख जाता है

मुझे अपने आस-पास…

चार कंधों पर अपनी आखिरी यात्रा पर
निकले इंसान को सम्मान देते लोग,
सभी शुभचिंतक नहीं रहते उनमें
होते हैं बहुत से वो भी
जिनसे रहा उसका उम्र भर मनमुटाव ही,

शवयात्रा में शामिल होते हैं
बहुत से जानने वाले लेकिन कई होते हैं
उस शख़्स के नाम, जाति, स्टेटस से
अनजान भी,
कुछ पुण्य कमाने की लालसा में वो
मृतक को देते हैं आखिरी प्रणाम भी,

यह दृश्य देखकर लगता है मुझे
कि हमारे समाज में मौत के समय
विभिन्न जातियों एवं समुदायों में एकता
इतनी भी दुर्लभ बात नहीं,

जानते हो कि दुर्लभ बात क्या है?
जीवन के महत्वपूर्ण अवसरों पर
समस्त समुदायों एवं जातियों का
एक साथ खड़ा होना,
न्याय के लिए,
सच्चाई के लिए,
सामाजिक सद्भाव के लिए,
दुखी एवं वंचितों के लिए,
तरक्की एवं खुशहाली के लिए
और सबसे जरूरी इन्सानियत के लिए
सबका एक साथ खड़ा होना।

जितेन्द्र ‘कबीर’
साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’
संप्रति-अध्यापक
पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश
संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

हे प्रभु हमें दो शक्ति – बच्चों की प्रेरक प्रार्थना कविता

हे प्रभु हमें दो शक्ति – बच्चों की प्रेरक प्रार्थना कविता

December 31, 2025

हे प्रभु, हमें दो शक्ति प्यारी, सच्चे राह पर चलने की जोड़ी, दूसरों के दिलों में प्यार बढ़ाएं, हर काम

आम फल का राजा – बच्चों के लिए प्यारी बाल कविता

आम फल का राजा – बच्चों के लिए प्यारी बाल कविता

December 31, 2025

आम फलों का राजा है, मीठा-मीठा ताजा है। गर्मी में यह आता है, सबके मन को भाता है। पीला, हरा,

नीम का पेड़ – बच्चों के लिए प्रेरक बाल कविता

नीम का पेड़ – बच्चों के लिए प्रेरक बाल कविता

December 31, 2025

हमारे आंगन में है एक पेड़, नीम का पेड़, बड़ा ही गढ़। छांव देता, हवा भी ठंडी, उसके नीचे लगे

कुएँ की खामोशी

कुएँ की खामोशी

December 15, 2025

मन करता है मैं उसी कुएँ से नहाऊँ, पानी भरूँ जहाँ कभी परिवार के सभी लोग हँसी के छींटों में

रसेल और ओपेनहाइमर

रसेल और ओपेनहाइमर

October 14, 2025

यह कितना अद्भुत था और मेरे लिए अत्यंत सुखद— जब महान दार्शनिक और वैज्ञानिक रसेल और ओपेनहाइमर एक ही पथ

एक शोधार्थी की व्यथा

एक शोधार्थी की व्यथा

October 14, 2025

जैसे रेगिस्तान में प्यासे पानी की तलाश करते हैं वैसे ही पीएच.डी. में शोधार्थी छात्रवृत्ति की तलाश करते हैं। अब

Next

Leave a Comment