# BOLTI ZINDAGI ## Posts - [बालकथा-तारामंडल का खोया हुआ नक्शा](https://boltizindagi.com/%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%95%e0%a4%a5%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%96%e0%a5%8b%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b9/): दस साल का मयंक हर रात छत पर बैठकर तारों को देखा करता और कल्पनाएं बुनता रहता। उसे लगता था कि आकाश के पीछे जरूर कुछ न कुछ छिपा है। एक दिन उसने अपनी मेज के नीचे एक हल्का सा चमकता कागज पड़ा देखा।काग़ज़ पर किसी अनजानी आकाशीय लिपि में कुछ लिखा था। और बीच में एक छोटासा चिह्न बना था- ‘ओनली फार द चोजन वन’ यानी सिर्फ विशेष व्यक्ति के लिए!मयंक चौंक गया, “मेरे लिए? लेकिन यह यहां आया कैसे?”उसी समय उसके सामने प्रकाश का एक छोटा सा गोला प्रकट हुआ। धीमी आवाज में वह बोला, “मैं नोवा हूं, ... Read more - [आने वाले वर्षों में इंसानों से ज्यादा होंगे रोबोट](https://boltizindagi.com/%e0%a4%86%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a8/): आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स साथ-साथ कदम मिला रहे हैं, उसका परिणाम आने वाले वर्षों में अगर आपके आसपास इंसानों से ज्यादा रोबोट घूमते नज़र आएं तो आपको कैसा लगेगा? कुछ बातें सुनने में साइंस फ़िक्शन जैसी लगती हैं, लेकिन जिस रफ्तार से टेक्नोलाजी आगे बढ़ रही है, उसे देखते हुए रोजमर्रा के कामों में रोबोट का प्रभुत्व बढ़ना अब कल्पना नहीं, बल्कि संभावित हक़ीकत है। हाल ही में दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनामिक फोरम में टेस्ला कार फेम अरबपति एलन मस्क ने कहा कि आने वाले वर्षों में इंसानों की तुलना में रोबोटों की संख्या अधिक होगी। टेक्नोलाजी की दुनिया ... Read more - [साहित्य और बाल साहित्य पर श्रेष्ठ उद्धरण – Quotes by Dr. Mulla Adam Ali](https://boltizindagi.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a4%b0/): साहित्य मनुष्य के सोचने, महसूस करने और समझने की क्षमता को गहराई देता है। जब भावनाएँ शब्दों का सहारा लेती हैं, तब साहित्य एक ऐसी जीवंत अभिव्यक्ति बन जाता है जो पीढ़ियों तक मनुष्यता को दिशा प्रदान करती है। साहित्य केवल पढ़ा नहीं जाता, वह अनुभव किया जाता है—कभी वह संवेदना बनकर आँखों को नम करता है, तो कभी प्रेरणा बनकर हृदय में साहस भर देता है। बाल साहित्य इसी साहित्यिक परंपरा की वह पावन धारा है, जो नन्हे हृदयों में मुस्कान, कल्पना और नैतिकता का संगम रचती है। बच्चों के लिए लिखे गए गीत, कहानियाँ और कविताएँ केवल मनोरंजन ... Read more - [डॉ. मुल्ला आदम अली कोट्स: साहित्य और बाल साहित्य के लिए प्रेरक उद्धरण](https://boltizindagi.com/%e0%a4%a1%e0%a5%89-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%86%e0%a4%a6%e0%a4%ae-%e0%a4%85%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%b8%e0%a4%be/): साहित्य मनुष्य के भीतर छिपी संवेदनाओं का सबसे सुंदर रूप है। शब्द जब भावनाओं से मिलते हैं तो विचारों का ऐसा संसार रचते हैं, जिसे हम साहित्य कहते हैं। यही साहित्य कभी कविता बनकर हृदय को छूता है, तो कभी कहानी बनकर जीवन के सत्य से रूबरू कराता है। समाज की आत्मा, समय का साक्ष्य और मनुष्यता की धड़कन—सब कुछ साहित्य में सजीव हो उठता है। बाल साहित्य इस विशाल साहित्यिक धारा की सबसे कोमल, सबसे निर्मल और सबसे संवेदनशील शाखा है। नन्हे मन की कल्पनाओं, उनकी जिज्ञासाओं और मुस्कानों में जो दुनिया बसती है, बाल साहित्य उसी दुनिया का ... Read more - [गुड्डू और परीक्षा का डर – बच्चों के लिए प्रेरक कहानी](https://boltizindagi.com/%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%a1%e0%a5%8d%e0%a4%a1%e0%a5%82-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a1%e0%a4%b0-%e0%a4%ac/): गुड्डू एक चंचल और होशियार लड़का था। वह पाँचवीं कक्षा में पढ़ता था और हमेशा स्कूल में सबसे आगे रहता था। खेल-कूद, चित्रकला और कहानियाँ सुनाने में उसका कोई मुकाबला नहीं था। लेकिन जैसे ही परीक्षा का समय नजदीक आता, गुड्डू घबरा जाता। उसका चेहरा उदास हो जाता, वह खाना कम खाने लगता और खेलने भी नहीं जाता। उसकी मम्मी ने कई बार पूछा, “क्या बात है गुड्डू? इतने चुप क्यों रहते हो?” गुड्डू धीरे से बोला, “मम्मी, मुझे परीक्षा से बहुत डर लगता है। क्या होगा अगर मैं पास नहीं हुआ? सब हँसेंगे मुझ पर…” मम्मी मुस्कुराईं और उसके ... Read more - [जादुई झील और परियों का रहस्य – बच्चों के लिए प्रेरक कहानी](https://boltizindagi.com/%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%88-%e0%a4%9d%e0%a5%80%e0%a4%b2-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a4%b8/): बहुत समय पहले की बात है, एक सुंदर और शांत गाँव था—देवगिरी इस गाँव के पास एक नीली-सी झील थी, जिसे सब “जादुई झील” कहते थे। लोग कहते थे कि रात को जब चाँदनी झील पर पड़ती है, तो परियाँ वहाँ नाचती हैं। लेकिन किसी ने उन्हें कभी देखा नहीं था। गाँव में एक नन्ही लड़की रहती थी—मीरा। मीरा बहुत जिज्ञासु और साहसी थी। उसे परियों की कहानियाँ सुनना बहुत पसंद था। एक दिन उसने ठान लिया कि वो परियों को अपनी आँखों से देखेगी। रात को सबके सो जाने के बाद मीरा चुपचाप झील की ओर निकल गई। चाँद ... Read more - [डॉ. मुल्ला आदम अली का बाल कहानी संग्रह ‘नन्हा सिपाही’: एक विस्तृत समीक्षा](https://boltizindagi.com/%e0%a4%a1%e0%a5%89-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%86%e0%a4%a6%e0%a4%ae-%e0%a4%85%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a4%b9/): डॉ. मुल्ला आदम अली का बाल कहानी संग्रह ‘नन्हा सिपाही’ बाल मन की संवेदनाओं, जिज्ञासा और सपनों से जुड़ी कहानियों का मनमोहक संसार प्रस्तुत करता है। इस पुस्तक में संकलित इक्कीस कहानियाँ बच्चों के मनोरंजन के साथ-साथ उन्हें सच्चाई, साहस, करुणा, पर्यावरण प्रेम, देशभक्ति और मानवीय मूल्यों का सुंदर संदेश देती हैं। लेखक ने बाल साहित्य की मूल विशेषताओं—सरल भाषा, छोटे वाक्य, सीमित आकार और सहज शैली—का पूरा ध्यान रखा है। कहानियाँ न तो उपदेशात्मक लगती हैं और न ही बोझिल; वे सहजता से बच्चों के हृदय में उतरती हैं और उनके अनुभव-विश्व से जुड़ती चली जाती हैं। इस संग्रह ... Read more - [हे प्रभु हमें दो शक्ति – बच्चों की प्रेरक प्रार्थना कविता](https://boltizindagi.com/%e0%a4%b9%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ad%e0%a5%81-%e0%a4%b9%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a6%e0%a5%8b-%e0%a4%b6%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%ac%e0%a4%9a/): हे प्रभु, हमें दो शक्ति प्यारी, सच्चे राह पर चलने की जोड़ी, दूसरों के दिलों में प्यार बढ़ाएं, हर काम में सच्चाई अपनाएं। दया का दीप मन में जलाएं, सपनों को सच बनाने सिखाएं। धरती माँ की हम सेवा करें, भारत की शान को बढ़ाएं। सभी मित्रों के साथ रहें हम, कभी ना हो दिलों में घमंड। हर दिन नई सीख हम पाएं, दीन-दुखियों का साथ निभाएं। सपनों के आकाश में उड़ें हम, सच्चाई की जो राह हो तम। प्रभु हमें हर कदम पर दें साथ, हम बढ़ें आगे, ना हो कोई त्रास। – डॉ. मुल्ला आदम अली तिरुपति – ... Read more - [आम फल का राजा – बच्चों के लिए प्यारी बाल कविता](https://boltizindagi.com/%e0%a4%86%e0%a4%ae-%e0%a4%ab%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%9a%e0%a5%8d%e0%a4%9a%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf/): आम फलों का राजा है, मीठा-मीठा ताजा है। गर्मी में यह आता है, सबके मन को भाता है। पीला, हरा, सुहाना है, रसीला और निराला है। पके आम का मज़ा है प्यारा, कच्चे आम से अचार है न्यारा। तू भी खा ले, मैं भी खाऊँ, सब मिल-जुल कर आम का गान गाऊँ! – डॉ. मुल्ला आदम अली तिरुपति – आंध्र प्रदेश - [नीम का पेड़ – बच्चों के लिए प्रेरक बाल कविता](https://boltizindagi.com/%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%a1%e0%a4%bc-%e0%a4%ac%e0%a4%9a%e0%a5%8d%e0%a4%9a%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f/): हमारे आंगन में है एक पेड़, नीम का पेड़, बड़ा ही गढ़। छांव देता, हवा भी ठंडी, उसके नीचे लगे हैं मंडी। पत्ते उसके थोड़े कड़वे, पर काम आते सबके घर में। दवा बनें, नहलाएं तन, नीम है बच्चों का सच्चा मन। पंछी बैठे उसकी डाली, झूला बनती नीम की प्याली। दादी बोली – “इससे सीखो, नीम सरीखा मीठा बनो।“ नीम हमें सिखलाता है, सादा जीवन सबसे अच्छा है। पेड़ लगाओ, नीम लगाए, धरती मां भी खुश हो जाए। – डॉ. मुल्ला आदम अली तिरुपति – आंध्र प्रदेश - [कुएँ की खामोशी](https://boltizindagi.com/%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%8f%e0%a4%81-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%96%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%b6%e0%a5%80/): मन करता है मैं उसी कुएँ से नहाऊँ, पानी भरूँ जहाँ कभी परिवार के सभी लोग हँसी के छींटों में जीवन की छोटी-छोटी खुशियों में लिप्त थे। पर अब वही कुआँ चुप्पी ओढ़े खड़ा है उसके होंठों पर घास और झाड़ियाँ उग आई हैं और कदमों की आहट बरसों से अब तक लौटकर नहीं आई। कुएँ तो आज भी वही हैं पर परिवार एक से टूटकर अनेक हो गया है। और उस कुएँ के किनारे अब यादों की पतझड़ बह रही है। -प्रतीक झा ‘ओप्पी’ (उत्तर प्रदेश) - [रसेल और ओपेनहाइमर](https://boltizindagi.com/%e0%a4%b0%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%b2-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%93%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%ae%e0%a4%b0/): यह कितना अद्भुत था और मेरे लिए अत्यंत सुखद— जब महान दार्शनिक और वैज्ञानिक रसेल और ओपेनहाइमर एक ही पथ पर बढ़ चले— दुनिया में शान्ति और मानवता के कल्याण हेतु। उन्होंने किया परमाणु हथियारों का विरोध और माँग की अंतरराष्ट्रीय कानूनों की स्थापना की। परन्तु इन दोनों महान विभूतियों को इस साहसिक रुख की कठिन कीमत चुकानी पड़ी। दोनों ही महान आत्माओं ने आपस में पत्र लिखे, संवाद किए और साझा किया मानवता का स्वप्न। आज जब दुनिया फिर से युद्ध के जाल में उलझी हुई है तो शान्ति और मानव कल्याण हेतु हमें पुनः स्मरण करना होगा रसेल ... Read more - [एक शोधार्थी की व्यथा](https://boltizindagi.com/%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%b6%e0%a5%8b%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a5%e0%a4%be/): जैसे रेगिस्तान में प्यासे पानी की तलाश करते हैं वैसे ही पीएच.डी. में शोधार्थी छात्रवृत्ति की तलाश करते हैं। अब भगवान ही जाने उनके साथ क्या होता होगा — जिनकी यह तलाश कभी पूरी नहीं हो पाती होगी। उनके दुख, दर्द और संघर्ष में न जाने कितनी गहराई होगी और न जाने कितनी ऊँचाई छिपी होगी उनकी आँखों में। -प्रतीक झा ‘ओप्पी’ - [गीता और ओपेनहाइमर पर पहल की मांग, शोध छात्र प्रतीक झा ने लिखा प्रधानमंत्री को पत्र](https://boltizindagi.com/%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%93%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%ae%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%b2-%e0%a4%95/): प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग के शोध छात्र प्रतीक झा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर भारतीय युवाओं के नैतिक, बौद्धिक और सांस्कृतिक मार्गदर्शन हेतु विशेष पहल की मांग की है। इस पत्र की प्रतियां केंद्रीय शिक्षा मंत्री, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद् और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी प्रेषित की गई हैं। प्रतीक झा ने पत्र में उल्लेख किया है कि पश्चिम के महान भौतिक वैज्ञानिक जे. रॉबर्ट ओपेनहाइमर, जिन्हें परमाणु बम का जनक कहा जाता है, ने अपने जीवन की कठिनतम घड़ी में गीता से मार्गदर्शन प्राप्त किया था। उनका प्रसिद्ध कथन—अब मैं ... Read more - [खिड़की का खुला रुख](https://boltizindagi.com/%e0%a4%96%e0%a4%bf%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%96%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a5%81%e0%a4%96/): मैं औरों जैसा नहीं हूँ आज भी खुला रखता हूँ अपने घर की खिड़की कि शायद कोई गोरैया आए यहाँ अपना घोंसला बनाए। मैं महसूस करना चाहता हूँ वो सुन्दर बीते हुए पल जब चिड़ियाँ अपनी चहचहाहट में भर देती थीं दिनभर खुशियाँ ना कोई तनाव, ना ईर्ष्या, घृणा हर ओर शान्ति की छाया थी। अब वो सब कुछ खो गया जैसे खिड़की का घोंसला भी उजड़ गया, टूट गया। मैं फिर से पाना चाहता हूँ वो सुनहरा समय इसीलिए आज भी खुली रखता हूँ अपनी खिड़की। -प्रतीक झा ‘ओप्पी’ (उत्तर प्रदेश) - [सरकार का चरित्र](https://boltizindagi.com/%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%9a%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0/): एक ओर सरकार कहती है— स्वदेशी अपनाओ अपनेपन की राह पकड़ो पर दूसरी ओर कोर्ट की चौखट पर बैठी विदेशी भाषा—अंग्रेज़ी। सिविल सेवा की सीढ़ियों पर राज करती वही ज़ुबान हर राज्य तक लोहे की जंजीर-सी फैली है अंग्रेज़ी। सरकार के मंत्री और अधिकारी जैसे दर्पण में अपना ही चेहरा भूलकर अंग्रेज़ी का मुखौटा ओढ़े बोलते हैं। रोज़गार की कुंजी भी इसी भाषा के ताले में क़ैद विश्वविद्यालय की सूचनाएँ मानो विदेशी दरबार के फरमान। अब आप ही बताओ— सरकार का चरित्र कैसा है? कौन है जो जनता को मृगमरीचिका दिखाकर बहला रहा है? कौन है जो कुतर्क के हथियारों ... Read more - ["बीबीपुर: एक गांव की कहानी, जो अब किताबों में पढ़ाई जाएगी"](https://boltizindagi.com/bibipur-the-story-of-a-village-which-will-now-be-taught-in-books/): “बीबीपुर: एक गांव की कहानी, जो अब किताबों में पढ़ाई जाएगी” हरियाणा का बीबीपुर गांव अब देशभर के छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है। ICSE बोर्ड ने इसकी सामाजिक क्रांति की कहानी कक्षा आठवीं के पाठ्यक्रम में शामिल की है। ‘बेटी के नाम नेमप्लेट’, ‘लाडो सरोवर’, खुले में शौच से मुक्ति और महिला सशक्तिकरण जैसे प्रयासों ने इसे एक मॉडल गांव बनाया। पूर्व सरपंच प्रह्लाद डांगरा के नेतृत्व में यह गांव सोच और समाज दोनों बदलने में सफल रहा। बीबिपुर अब सिर्फ एक गांव नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के लिए एक आशा की किरण और बदलाव का ... Read more - [कहानी: दुपट्टे की गाँठ](https://boltizindagi.com/bolti-zindagi-kahani-dupatte-ki-ganth-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%aa%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%81/): कभी-कभी ज़िंदगी के सबसे बड़े सबक किसी स्कूल या किताब से नहीं, बल्कि एक साधारण से घर में, एक सादी-सी औरत के मुँह से मिलते हैं। सुधा के साथ ऐसा ही हुआ था। उसे क्या पता था कि उस दिन का एक छोटा-सा लम्हा, उसकी सोच और जीवन के प्रति रवैये को हमेशा के लिए बदल देगा। हर सुबह जब मोहल्ले में सूरज की पहली किरण घरों की दीवारों से टकराती, उसी समय सुधा अपनी झोपड़ी के बाहर बाल्टी, झाड़ू और पोछे का झोला लेकर तैयार खड़ी होती। दिनभर चार-चार घरों में काम करती थी वह—झाड़ू, बर्तन, कपड़े और कभी-कभी ... Read more - [मार -पीट को पति का प्यार मानती हैं](https://boltizindagi.com/bolti-zindagi-mar-pit-ko-pati/): मार -पीट को पति का प्यार मानती हैं जी हाँ ये दो पंक्तिया इस लेख के भाव को पूरी तरह दर्शाती हैं.भारतीय समाज मे हर महिला अपनी पहचान ,अपना वजूद बस रिश्तों से ही करती हैं, चाहे वो बाहर कितनी ही सफल क्यों ना हो पर उसकी असली खुशी उसके रिश्ते ही होते हैं,इसलिये बहुत बार सब कुछ जानते और समझते हुये भी महिलायें पति की मार पीट को सहन करती रहती हैंपाकिस्तानी लेखिका तहमीना दुरानी ने अपनी आत्मकथा “मेरे आका” में अपने दिल का दर्द बयां किया था.तहमीना ने पाकिस्तान के पंजाब के गवर्नर मुस्तफा से विवाह किया था. ... Read more - [तुलसी जयंती विशेष](https://boltizindagi.com/tulsidas-jayanti-vishesh/): तुलसीदास दुबे नाम के साथ ‘गोसाई’ शब्द लगने का रहस्य !!! (तुलसी जयंती विशेष ) उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में राजापुर नामक गांव में पंडित आत्माराम दुबे निवास करते थे। वे एक सम्मानित ब्राह्मण थे।उनकी धर्मपत्नी हुलसी ने सम्वत 1557 में श्रावण मास में शुक्ल सप्तमी के दिन अभुक्त मूल नक्षत्र में जो अशुभ माना जाता है में एक बालक को जन्म दिया जिसका नाम तुलसीदास रखा गया । तुलसीदास जी जन्मते ही रोये ही नहीं अपितु उनके मुँह से राम शब्द निकला। उनके शरीर का आकार भी सामान्य शिशु की तुलना में अधिक था और सबसे बढ़कर उनके ... Read more - [तुम बोलो न-पत्र शैली कथा](https://boltizindagi.com/%e0%a4%a4%e0%a5%81%e0%a4%ae-%e0%a4%ac%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a5%8b-%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%b6%e0%a5%88%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%a5%e0%a4%be/): तुम बोलो न तुम कम बोलते हो… बहुत कम। इतने दिनों में न जाने कितनी बार मैंने यह तुमसे सुना है। कभी तब, जब मैंने शिकायत की कि तुम मुझसे बात क्यों नहीं करते रोज तो कभी जब तुम खुद मेरे स्नेह में सराबोर हो जाते हो तो कह देते हो, ” जितनी बातें तुमसे करता हूँ, मैंने किसी से कभी नहीं की… मैं कर ही नहीं पाता। “यह सुनकर मैं सोच में पड़ जाती हूँ क्योंकि मुझे तुमसे बात करते हुए कभी ऐसा लगा ही नहीं कि तुम मितभाषी हो क्योंकि तुम उस समय मुझसे ज्यादा बोलते हो जबकि ... Read more - [प्रियंका सौरभ की लघुकथाएं](https://boltizindagi.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%8c%e0%a4%b0%e0%a4%ad-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b2%e0%a4%98%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%8f/): बर्थडे केक नीलिमा का जन्मदिन था। सबने बधाइयाँ दीं — पति ने केक मंगाया, बेटे ने गाना गाया। लेकिन नीलिमा की आँखें नम थीं। कारण? उसे चॉकलेट नहीं, स्ट्रॉबेरी पसंद थी। पर हर साल चॉकलेट ही आता था। यह छोटी सी बात नहीं थी — यह उसकी पसंद को न समझ पाने का प्रतीक था। शादी के बाद शायद किसी ने पूछा ही नहीं, क्या अच्छा लगता है? उस रात उसने खुद के लिए एक स्ट्रॉबेरी केक ऑर्डर किया, और उस पर लिखा — “तुम्हारे लिए, तुम्हारे द्वारा।” अगले साल परिवार ने पूछा — “क्या केक लाना है?” वह मुस्कुरा ... Read more - [नम्रता और सुंदरता](https://boltizindagi.com/%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a4%be/): विषय- नम्रता और सुंदरता दो सखियाँ सुंदरता व नम्रता, बैठी इक दिन बाग़ में। सुंदरता को था अहम स्वयं पर, इतराती हर इक बात में। कहने लगी नम्रता से वह, देख मैं सबको कितना भाती हूँ। हो मानव ,प्रकृति और उपवन, सब पर मैं छा जाती हूँ। मेरा साथ पाने हर नर नारी आतुर, दीवाना में कर देती नयन के रास्ते करूँ ह्रदय को आतुर , सबको मतवाला कर देती। नम्रता मुस्कुरा रही है, कहती है, सुंदरता को बड़े प्रेम से। हां सखी मोहे भी तू भाती, मेरा अस्तित्व दिखता है तुमसे। मैं चाहती सबको आदर और प्रेम देना, पर ... Read more - [आंतरिक सौंदर्यता एवं प्रतिभा हे मनुष्य की सच्ची पहचान](https://boltizindagi.com/%e0%a4%86%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a5%8c%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%8f%e0%a4%b5%e0%a4%82-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0/): आंतरिक सौंदर्यता एवं प्रतिभा हे मनुष्य की सच्ची पहचान एक ऐसी दुनिया में जहां शारीरिक रूप अक्सर केंद्र बिंदु होता है, अब समय आ गया है कि हम अपने असली सितारों – हमारे दिमाग को महत्व दें। बहुत लंबे समय से, हमें यह विश्वास दिलाया गया है कि सौंदर्य ही अंतिम मुद्रा है, कि एक सुंदर चेहरा और शरीर ही सफलता और खुशी की कुंजी हैं। लेकिन बुद्धिमत्ता, रचनात्मकता और प्रतिभा की शक्ति के बारे में क्या? हमारे भीतर की ताकत के बारे में क्या जो उजागर होने की प्रतीक्षा कर रही है? अब समय आ गया है कि हम ... Read more - [कहानी-कहाँ लौटती हैं स्त्रियाँ](https://boltizindagi.com/%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%81-%e0%a4%b2%e0%a5%8c%e0%a4%9f%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a5%88%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%8d/): कामकाजी स्त्रियाँ सिर्फ ऑफिस से नहीं लौटतीं, बल्कि हर रोज़ एक भूमिका से दूसरी में प्रवेश करती हैं—कर्मचारी से माँ, पत्नी, बहू, बेटी तक। यह कहानी अनुपमा की है, जो बाहर की तेज़ दुनिया और घर की नर्म ज़िम्मेदारियों के बीच अपनी पहचान तलाशती है। उसकी मुस्कान में थकान है, पर शिकायत नहीं। वह सबके लिए लौटती है—रिश्तों को सींचने, उम्मीदें जगाने और हर शाम को रौशन करने। कहानी एक साधारण स्त्री के असाधारण संघर्ष और भीतर पलते सपनों की कोमल परतें खोलती है। -प्रियंका सौरभ दिल्ली की एक साधारण सी हाउसिंग कॉलोनी में रहने वाली अनुपमा की सुबह हर ... Read more - [कविता-जो अब भी साथ हैं](https://boltizindagi.com/%e0%a4%9c%e0%a5%8b-%e0%a4%85%e0%a4%ac-%e0%a4%ad%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%b9%e0%a5%88%e0%a4%82/): परिवार के अन्य सदस्य या तो ‘बड़े आदमी’ बन गए हैं या फिर बन बैठे हैं स्वार्थ के पुजारी। तभी तो कोई नहीं ठहरता उन कमरों के पास जहाँ धीरे-धीरे मौन में बदल रही है दादा-दादी की पुकार। न कोई आता है तन्हाई का साथी बनने न पूछता है स्वास्थ्य का हाल न किसी को याद रहता है उनके स्वाद की दुनिया। मैं… अब और नहीं कह पाऊँगा उन भावनात्मक स्थितियों के बारे में मैंने उन्हें जिया है पर जस का तस शब्दों में ढाल नहीं सकता। पर मैं जो कर सकता हूँ, वह मैं करता हूँ— हर दिन थोड़ी ... Read more - [कविता-सूखी लकड़ी की पुकार](https://boltizindagi.com/%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%96%e0%a5%80-%e0%a4%b2%e0%a4%95%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0/): मैं दर्द से तड़प रहा था — मेरे दोनों पैर कट चुके थे। तभी सूखी लकड़ी चीख पड़ी — इस भीषण बर्फीली ठण्ड में इन मासूम कुत्तों को बचा लो! मैं यह देख रह गया स्तब्ध जबकि — हरे-भरे पेड़ और पौधे बिलकुल मौन खड़े थे। –प्रतीक झा ‘ओप्पी’ शोध छात्र इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज - [पुस्तक समीक्षा: 'ज़िंदगी के उजास' में भीगती कहानियाँ](https://boltizindagi.com/%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%95/): पुस्तक समीक्षा: ‘ज़िंदगी के उजास’ में भीगती कहानियाँ साहित्य जीवन का दर्पण होता है और कहानी उसकी धड़कन। जब शब्दों में संवेदना उतरती है, तब वे केवल वाक्य नहीं रह जाते, वे जीवन की सच्चाइयों के साक्षी बन जाते हैं। साहित्य के समृद्ध आंगन में, “ज़िंदगी का उजास” एक रत्न की भांति प्रकट होता है, जहाँ शब्दों के परदे पर जीवन की विविधता और भावनाओं की गहराई उभरती है। उत्कृष्ट साहित्यिक अमृत है। इस संग्रह में नृपेन्द्र अभिषेक “नृप” ने मनोभावों के सूक्ष्म रंगों को परिलक्षित करते हुए प्रेम, त्याग, संघर्ष एवं आशा के संगम को जीवंत किया है। सजग ... Read more - [ ऐसे थे जननायक प्रधानमंत्री चंद्रशेखर](https://boltizindagi.com/such-prime-minister/): “चाह गई चिंता मिटी मनुआ बेपरवाह जाको कछु ना चाहिए वो शाहन के शाह” कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्रद्धेय द्वारिका प्रसाद जी का चंद्रशेखर के बारे में यह कथन तथा चंद्रशेखर जी का बार-बार यह कहना – “खुल खेलो संसार में बाध सके न कोय, घाट जकाती क्या करे जो सिर बोझ न होय”!!  उनके चरित्र को पूर्ण रूप से परिभाषित करने के लिए काफी है !!         वह एक विलक्षण प्रतिभा के धनी व्यक्तित्व थे, जो आज भौतिक रूप से हमारे बीच नहीं है, पर उनके विचार और व्यक्तित्व की छाप हम पर हमेशा निरंतर पड़ती ... Read more - [कहानी - ठहर गया बसन्त](https://boltizindagi.com/kahani-sarbatiya-in-hindi/): सरबतिया …. ओ ..बिटिया सरबतिया…….अपनी झोपड़ी के दरवाज़े  के बाहर ,बड़ी हवेली हवेली वाले  राजा ठाकुर के यहाँ काम करने वाले रामधन चच्चा की रौबदार आवाज सुनकर हुमक उठी थी नौ साल की नन्ही सी सरबतिया …….अभी आई चाचा,उसने ख़ुशनुमा आवाज़ में कहा,और दुआ में हाथ ऊपर उठाकर बोली ,”अल्लाह आप बहुत अच्छे हैं”…आज अपने बाबा के हवेली  पतंगे  पहुंचाने के लिए जाने के बाद अकेले उसने भी अपनी पतंग उड़ाई थी . अपनी सहेली की छत पर,गयी थी उसे उड़ाने को, कित्ती ऊँची उड़ी थी ,पर जल्दी कट गई. घर आने के बाद तब से बड़ी मायूस बैठी थी,पर ... Read more - [साहित्य, टेक्नोलाॅजी और हम](https://boltizindagi.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a5%85%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b9/): साहित्य की रचना में टेक्नोलाॅजी की बात अब जरा भी नई नहीं है। भविष्य में अनेक मोर्चे पर टेक्नोलाॅजी और मनुष्य का आमना-सामना होता रहेगा। उनमें से एक मोर्चा साहित्य का भी है। साहित्य की रचनात्मकता को अनन्य मानव अभिव्यक्ति कहा जाता है। पर क्या एआई के आने से रचनात्मकता की यह अनन्यता मानव सहज रह पाएगी। इस समय ऐसे तमाम रोबोट हैं, जो जैसी आप चाहते हैं, वैसी कहानियां और कविताएं दिख देते हैं। विशाल डेटाबेस, मशीन लर्निंग और लार्ज लैंग्वेज माॅडल द्वारा एआई आप जैसी चाहते हैं, वैसी कहानियां या कविताएं लिख कर दे सकता है। कोई रचनाकार ... Read more - [दीपक का उजाला](https://boltizindagi.com/story-deepak-ka-ujala/): गाँव के किनारे एक छोटा-सा स्कूल था। इस स्कूल के शिक्षक, नाम था आचार्य देवदत्त, अपने समय के सबसे विद्वान और सरल हृदय व्यक्ति माने जाते थे। उनकी उम्र लगभग 60 वर्ष हो चुकी थी, लेकिन उन्होंने कभी खुद को रिटायर करने की बात नहीं सोची। उनका मानना था कि सच्चा शिक्षक तब तक शिक्षित करता है जब तक उसके पास सीखने वाले हों।   देवदत्त का एक विशेष शिष्य था, नाम था आयुष। वह गरीब परिवार से था, लेकिन उसकी आँखों में कुछ ऐसा था जो देवदत्त को बहुत प्रभावित करता था। आयुष की बुद्धि और जिज्ञासा उसे बाकी ... Read more - [बुआ -भतीजी |kavita -bua bhatiji](https://boltizindagi.com/%e0%a4%ac%e0%a5%81%e0%a4%86-%e0%a4%ad%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%9c%e0%a5%80-kavita-bua-bhatiji/): बुआ -भतीजी बात भले फर्ज़ी लगे, लेकिन इस में सच्चाई है। बुआ होती है भतीजी का आने वाला कल, और भतीजी होती अपनी बुआ की परछाईं है। बुआ के जैसे भतीजी भी तो , हो जाती एक दिन पराई है। एक ही घर दोनों का मायका, है एक ही घर की बेटी दोनों , नहीं कोई फर्क है दोनों में। एक पापा की लाडली बेटी, है दुसरी साथी बचपन की, हर राखी पर रस्ता देखे पापा, बुआ है रौनक त्यौहारों की। भतीजी उसी आंगन की शोभा, जिस में कभी बुआ खेली थी, पापा की है वो प्यारी बहना, भतीजी की ... Read more - [विचारों की भी होती है मौत](https://boltizindagi.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ad%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%a4/): प्रत्येक दिन दिमाग में 6,000 विचार आते हैं, इनमें 80% नकारात्मक होते हैं। इन नकारात्मक विचारों से दूर रहने के लिए प्रतिदिन योग व ध्यान करना जरूरी है। चेतन मन के सकारात्मक विचारों को तुरंत लिख लेना चाहिए। इसके लिए आप अपने पास पेन और डायरी हमेशा पास रखें। गूगल कीप एप में भी विचार लिख सकते हैं। सकारात्मक विचार वास्तव में आपके जीवन में वास्तविक मूल्य पैदा कर सकते हैं और आपको ऐसे कौशल बनाने में मदद कर सकते हैं, जो मुस्कुराहट से कहीं अधिक समय तक टिके रहते हैं। अपने विचारों से सावधान रहें, क्योंकि आपके विचार ही ... Read more - [सावधानी से चुने माहौल, मित्र एवं जीवनसाथी](https://boltizindagi.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%9a%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a5%8c%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%a4/): सावधानी से चुने माहौल, मित्र एवं जीवनसाथी अगर आप विजेता बनना चाहते हैं, तो विजेताओं के साथ रहें। अगर आप जीवन में बाज की तरह आसमान छूना चाहते हैं, तो आपको मुर्गों के साथ नहीं रहना चाहिए। जिन लोगों के साथ हम अपना समय बिताते हैं, वे हमारे व्यक्तित्व पर प्रभाव डालते हैं। हम जिन लोगों के साथ आदतन रहते हैं, वे हमारी 95% सफलता या असफलता को तय करते हैं। आप अपना जीवनसाथी भी सावधानी से चुनें। यही एक निर्णय आपके 90 प्रतिशत सुख या दुख का कारण होगा। हमारी बातचीत के विषय, हमारा दृष्टिकोण, हमारी मानसिकता, यहाँ तक ... Read more - [हर दिन डायरी में कलम से लिखें अपना लक्ष्य](https://boltizindagi.com/%e0%a4%b9%e0%a4%b0-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%a8-%e0%a4%a1%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%b2%e0%a4%ae-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%96/): हर दिन डायरी में कलम से लिखें अपना लक्ष्य सबसे पहले अपने जिंदगी के लक्ष्य को निर्धारित करें। अपने प्रत्येक घंटे, दिन, सप्ताह, महीने व साल के लिए भी लक्ष्य निर्धारित करें। हर दिन लक्ष्य तक पहुँचने के बेहतर तरीके सोचते रहें और हर दिन लक्ष्य तक पहुँचाने वाले काम करते रहें। प्रबल इच्छा हो, तो आप हर दिन काम करने का समय निकाल ही लेंगे।  जब आप निष्क्रिय अवस्था में होते हैं, तब आपको छोटी से छोटी बाधा भी रोक सकती है। लेकिन जब आप लक्ष्य की दिशा में प्रगति करने लगते हैं, तो आपको मुश्किल से मुश्किल बाधा ... Read more - [जो लोग लक्ष्य नहीं बनाते हैं, | jo log lakshya nhi banate](https://boltizindagi.com/%e0%a4%9c%e0%a5%8b-%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%97-%e0%a4%b2%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%a8%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%87-%e0%a4%b9/):  जो लोग लक्ष्य नहीं बनाते हैं, वे लक्ष्य बनाने वाले लोगों के लिए काम करते हैं। यदि आप अपनी योजना को सार्वजनिक कर दें, तो आप सामाजिक दबाव की वजह से उस पर अमल करने के लिए ज़्यादा समर्पित हो जाएँगे। योजना बताती है कि आदर्श परिस्थिति में क्या होना चाहिए। समीक्षा बताती है कि क्या हो रहा है और मनचाहा परिणाम पाने के लिए आपको क्या फेरबदल करना चाहिए। योजना बनाने में असफलता का मतलब है असफलता की योजना बनाना। कहा जाता है कि जब तक आप लक्ष्य तक पहुँचने की योजना नहीं बनाते हैं, तब तक आपकी सफलता ... Read more - [स्पष्ट लक्ष्य, सफलता की राह](https://boltizindagi.com/%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%b2%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%ab%e0%a4%b2%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%be/): स्पष्ट लक्ष्य, सफलता की राह तीरंदाज एक बार में एक ही लक्ष्य पर निशाना साधता है। गोली चलाने वाला एक समय में एक ही लक्ष्य पर निशाना लगाता है। इसी तरह आपको भी एक समय में एक ही लक्ष्य रखना चाहिए। याद रखें, मानव मस्तिष्क मल्टी टास्किंग के लिए नहीं बना है। यह एक समय में एक ही विचार सोच सकता है। इसलिए लक्ष्य तय करें और एक समय में एक लक्ष्य पूरा करने पर ध्यान केंद्रित करें। लक्ष्य पर आपकी एकाग्रता निशानेबाज जैसी होनी चाहिए।अगर आप जीवन में मनचाहे प्रगति नहीं कर पा रहे हैं, जिसे करने में आप ... Read more - [महिलाएं पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्राचीन काल से जागरूक रही](https://boltizindagi.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%8f%e0%a4%82-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%a3/): महिलाएं पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्राचीन काल से जागरूक रही पर्यावरण शब्द का चलन नया है, पर इसमें जुड़ी चिंता नई नहीं है। वह भारतीय संस्कृति के मूल में रही है। आज पर्यावरण बचाने के नाम पर बाघ, शेर, हाथी आदि जानवरों, नदियों, पक्षियों, वनों आदि सबको बचाने के लिए विश्वव्यापी स्वर उठ रहें है। भारत में प्राचीन काल से पर्यावरण की तत्वों को धार्मिक कलेवर में समेत कर उनके संरक्षण एवं संवर्धन को एक सुनिश्चित आधार प्रदान किया गया है। महाभारत में कहा गया है कि वृक्ष रोपने वाला उनके प्रति पुत्रवत आत्मीयता रखता है। एक वृक्ष अनेक पुत्रों ... Read more - [मंगलसूत्र : महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा देने वाला वैवाहिक बंधन | Mangalsutra](https://boltizindagi.com/%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%b2%e0%a4%b8%e0%a5%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%93%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae/): मंगलसूत्र : महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा देने वाला वैवाहिक बंधन ‘मंगल यानी शुभ और सूत्र यानी बंधन। मंगलसूत्र यानी शुभबंधन।’ मंगलसूत्र की यह व्याख्या संस्कृत साहित्य से आई है। ईसापूर्व चौथी सदी में संपादित संस्कृत ग्रंथ ब्रह्मांड पुराण में ललितासहस्त्र में देवियों के हजार नाम दिए हैं। इसमें जो मंगलम् सूत्रम का उल्लेख है, पति वैवाहिक विधि के रूप में पत्नी के गले में एक बंधन बांधता है, यह रस्म यानी मंगलसूत्र। इस विधि को मांगल्य धारणम् भी कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि यह सूत्र धारण करने से शुभ होता है और बुराई दूर रहती है। संस्कृत में ... Read more - [नाभि बताती है वृत्ति, प्रकृति और व्यक्तित्व](https://boltizindagi.com/%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%ad%e0%a4%bf-%e0%a4%ac%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%b5%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%95/): नाभि बताती है वृत्ति, प्रकृति और व्यक्तित्व सामुद्रिकशास्त्र में शरीर के विभिन्न अंगों के बारे में वर्णन किया गया है। इनमें एक है नाभि, जो पेट के ऊपर स्थित हमारे शरीर का बहुत सुंदर हिस्सा है। यह नाभि आप की वास्तविक स्थिति से जुड़ी तमाम बातें बताती है। नाभि द्वारा व्यक्तित्व, स्वभाव और भाग्य के बारे में भी जाना जा सकता है। 1 गोल नाभि बहुतेरी स्त्रियों की नाभि का आकार गोल होता है। ऐसी स्त्रियों के बारे में माना जाता है कि इनका स्वभाव सौम्य और सरल होता है। तन से स्वस्थ और सोच-विचार कर ही हमेशा कदम आगे ... Read more - [LaghuKatha Adla badli](https://boltizindagi.com/laghukatha-adla-badli/): लघुकथा अदला-बदली सरिता जब भी श्रेया को देखती, उसके ईर्ष्या भरे मन में सवाल उठता, एक इसका नसीब है और एक उसका। क्या उसका नसीब उसे नहीं मिल सकता? सरिता के छोटे से फ्लैट की बालकनी से श्रेया का भव्य बंगला बहुत सुंदर दिखाई देता था। वह जब भी पति के साथ मोटरसाइकिल से निकलती, श्रेया के बंगले की पार्किंग एरिया में खड़ी बीएमडब्ल्यू पर नजर उसकी नजरें चिपक जातीं। अपनी खूबसूरती को निखारने के लिए श्रेया खुले हाथों से पैसे खर्च करती थी। ट्रिम किए बाल, नियमित फेशियल, पेडिक्योर, मेनिक्योर, सब कुछ संपूर्ण। सिर से ले कर पैरों तक ... Read more - [सुंदर सी फुलवारी| Sundar si phulwari](https://boltizindagi.com/%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%ab%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-sundar-si-phulwari/): सुंदर सी फुलवारी मां -पिता की दुनिया बच्चे हैं,बच्चों की दुनिया मात- पिता ।रिश्ते बदलें पल- पल में ,मां -पिता कभी नहीं बदलते हैं।बच्चों के भाव बदलते हैं,हरदम बस उलझे रहते हैं।तुलना की इनकी आदत है,खुद को कम आंका करते हैं।मां -पिता के प्यार पर शंका कर,खुद का मन दुःख से भरते हैं।ये दौर सभी के जीवन में,आता है, और घर कर जाता है।शंका के बादल जब घेरे मन को,फिर प्यार नहीं दिखता इनको। तुलना जब करने लगते हैं,अपनापन बिल्कुल खो जाता,बचपन के वो प्यारे रिश्ते,दुश्मन से भी बद्तर लगते हैं।तेरे – मेरे के इस चक्कर में ,मां -पिता भी ... Read more - [श्रमिक | kavita -shramik](https://boltizindagi.com/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%95-kavita-shramik/): एक मई को जाना जाता,श्रमिक दिवस के नाम से श्रमिक अपना अधिकारसुरक्षित करना चाहते हैं ,इस दिन की पहचान से।कितनी मांगे रखते श्रमिक,अपनी- अपनी सरकार से। - [बचपन| kavita-Bachpan](https://boltizindagi.com/%e0%a4%ac%e0%a4%9a%e0%a4%aa%e0%a4%a8-kavita-bachpan/): बचपन हंसता खिलखिलाता बचपन,कितना मन को भाता है। पीछे मुड़कर देखूं और सोचूं, बचपन पंख लगा उड़ जाता है। बड़ी रीझ थी बड़े होने की, कितने सपने पाले थे। बड़े हो कर हम ये करेंगे,वो बनेंगे, कितने पंख लगा डाले थे। बिना पंख के उड़ना तो बस बचपन में ही सम्भव था। बड़े हुए तब जाकर हम, असल जीवन से दो-चार हुए, अपना सोचें तो अपने रूठें,अपनों का सोचें तो सपने टूटें, ऐसा होता है बड़े होना , कभी ऐसा तो नहीं सोचा था। भूल गए अपनी मनमर्जी,भूलें बिसरे सब राग हुए। ना अपनी मर्ज़ी से जाना, मनमानी अब ना ... Read more - [Kavita - जीवन सुगम बना दो | Jeevan sugam bana do](https://boltizindagi.com/kavita-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a4%ae-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a5%8b-jeevan-sugam-bana-do/): जीवन सुगम बना दो मैं कुदरत का प्यारा पंछी हूं,तुम सब के बीच मैं रहता हूं। मेरी आंख के आंसू सूख गए,अब तुम से शिकायत करता हूं। लम्बी चौड़ी कोई बात नहीं,मैं इतनी गुज़ारिश करता हूं। बस इतनी अरदास मेरी तुमसे,मेरा जीवन सुगम बना दो तुम। कितनी मुश्किल मानव ने दी,मुझे उन से छूट दिला दो तुम। धरती है कितनी उबल रही,पेड़ों की मुझ को छांव नहीं। मैं भरी दुपहरी दर – दर भटकूंदो बूंद पानी की आस लिए। व्याकुल हूं मैं, भीषण गर्मी में,अब नहीं ठिकाना मेरा कोई। घर में जो जा़ली, झरोखे थे,वो भी अब बीती बात हुए। ... Read more - [नये युग का निर्माण करो | naye yug ka nirmaan karo](https://boltizindagi.com/%e0%a4%a8%e0%a4%af%e0%a5%87-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%97-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a3-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%8b-naye-yug-ka-nirmaan-karo/): नये युग का निर्माण करो नारी तुम निर्मात्री हो, दो कुलों की भाग्य विधात्री हो। सृजन का है अधिकार तुम्हें, तुम ही जीवन धात्री हो। तुमसे ही उत्पन्न ये सृष्टि है। ममता और प्यार की मूरत तुम, धरती पर भगवान की सूरत तुम। तुम से ही जीवन सुखमय है, जीवन का सार, आधार तुम्हीं। तुम से ही जीवन खुशहाल सबका, घर की सुख और समृद्धि तुम। अपनों के लिए ढाल हो तुम, दुश्मन के लिए तलवार हो तुम।निर्माण या विनाश है तुम्हारे हाथ, कुछ नहीं असम्भव तुम्हारे लिए, सब सम्भव तुम कर सकती हो। नारी तुम बिल्कुल सक्षम हो, जब ... Read more - [आखा बीज | aakha beej](https://boltizindagi.com/%e0%a4%86%e0%a4%96%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%9c-aakha-beej/): आखा बीज भारत में कई राज्य हैं, उनमें राजस्थान है एक। राजस्थान में शहर बीकानेर, कहते हैं जिस को बीकाणा। राव बीका जी ने नींव लगाई, आंखा बीज का दिन था वो। आखा बीज का शुभ दिनआज भी, मिल जुल कर सभी मनाते हैं। लोग उड़ाते पतंग हैं इस दिन, बड़ा ही उल्लास दिखाते हैं। ये काटा,वो काटा बोले कोई, या फिर ढील दे, ढील दे, यही, दिन भर शोर मचाते हैं । रंग बिरंगी पतंगें दिन भर, आकाश में छाई रहती हैं। लहराती ये पतंगें दिन भर, सब का मन हर्षातीं हैं। हंसी खुशी के खेल में लेकिन, इक ... Read more - [मन से कभी न हारना | man se kabhi na harna](https://boltizindagi.com/%e0%a4%ae%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%ad%e0%a5%80-%e0%a4%a8-%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a8%e0%a4%be-man-se-kabhi-na-harna/): मन से कभी न हारना मन के हारे हार है और मन के जीते जीत मन से कभी नहीं हारना,सुन मेरे मन मीत। कभी कभी मन थक जाता है, थक जाता है,भर जाता है। उलझन में ये फंस जाता है। निराशा के बादल घेरे मन को, आशा का ना कोई ठोर दिखे। उस वक्त भी मत घबराना तुम, जब जीवन में घटा घनघोर दिखे। जब दुःख के बादल जब घेरे हों तब इतना तुम याद सदा रखना, यह समय बदलता रहता है, नहीं कभी ठहरता एक जगह, समय ही हल हर उलझन का, चाहे उलझन हो कितनी भारी। सांसों का ... Read more - [मीठे वचन | meethe vachan](https://boltizindagi.com/%e0%a4%ae%e0%a5%80%e0%a4%a0%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%9a%e0%a4%a8-meethe-vachan/): मीठे वचन मीठे वचन सभी को प्यारे मीठे वचन सदा ही बोलो। मीठे वचन हैं बहुत सुहाते, कानों में मिश्री सी घोले। कड़वे वचन होते हैं कर्कश, दिल को छलनी करते हैं। इनके घाव कभी नहीं भरते, यादों में सदा ताज़ा रहते हैं। सोच समझकर सदा ही बोलो, इसलिए तो सब कहते हैं। मीठे वचन सभी को प्यारे, मन को खुश कर देते हैं। बात अगर कड़वी हो फिर भी, शब्दों का चयन जरूरी है। शब्दों के तीर हैं बड़े गम्भीर, ये तीर ना लौटा करते हैं। शब्दों से घायल मन के घाव, यादों में सदा ही ताजा रहते हैं। ... Read more - [पापा की परछाई | Papa ki parchhayi](https://boltizindagi.com/%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%9b%e0%a4%be%e0%a4%88-papa-ki-parchhayi/): पापा की परछाई पापा ये कभी कह नहीं पाते, कितना प्यार है लाडले बेटे से। देखें हर दम अपनी परछाईं , अपने लाडले बेटे में। बिना मांगे ही कुछ भी दे दें, मांगे तो कितनी बात सुनाते, नासमझी का आरोप लगाते, हर पल बस यही जतलाते, इसे समझ नहीं आनी है। बेटा भी कभी समझ ना पाए, पापा, मुझसे क्यों गुस्सा रहते हैं, मां को बेटा हर बात बताएं, पापा को कुछ कह ना पाए । बाप बेटे के बीच की दूरी, बस यूं ही बढ़ती जाती है। संवाद की ये कमी हमेशा, रिश्तों में दूरी ही लाती है। पापा ... Read more - [पुस्तक समीक्षा - कपास (कहानी संग्रह) | Book review - Kapas](https://boltizindagi.com/%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a8/):  पुस्तक समीक्षा – कपास (कहानी संग्रह) लेखक - डॉ. कुबेर दत्त कौशिक प्रकाशक - शॉपिज़ेन डॉट इन समीक्षक - सोनल मंजू श्री ओमर हाल ही में लेखक डॉ कुबेर दत्त कौशिक जी का 10 कहानियों का संग्रह ‘कपास’ पढ़ने को मिला। इनके अभी तक लगभग एक उपन्यास (दस्तख़त) व एक दर्जन कहानी संग्रह (झोपड़ी, कुल्हड़, कपास, शाख शाख जल गई, अफसाना, रोशनाई, चरणामृत, खंडहर, कहानी-कहानी केवल कहानी, जज़्बात, पतझड़, परछाइयां आदि) प्रकाशित हो चुके हैं। कपास किताब की सभी कहानियों की पृष्ठभूमि आंचलिक परिवेश में गढ़ी गई है। डॉ. कुबेर दत्त कौशिक की कहानियाँ आज के शहरीकरण के युग में ... Read more - [परीक्षा का परिणाम | pariksha ka parinam](https://boltizindagi.com/%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%a3%e0%a4%be%e0%a4%ae-pariksha-ka-parinam/): परीक्षा का परिणाम परीक्षा कक्ष में होता देखो,कितना अजीब नज़ारा है,प्रश्न पत्र के इंतजार में बैठे थेबच्चे, कैसे -कैसे भाव लिए।मची हुई है मन में हलचल, कितने मिश्रित विचार लिए,क्या आएगा, क्या लिखेंगे, क्या हम लिख भी पाएंगे।प्रश्न पत्र पाते ही देखो पन्ने ऐसे पलटते हैं,एक ही पल में जांचना चाहते, क्या -क्या इनको आता है।फिर लिखना जब शुरू हैं करते,एक पल भी रूक नहीं पाते हैं।हाथ अगर रूकना भी चाहे, झटक-झटक कर चलाते हैं।साल भर का पढ़ा हुआ अब, कुछ ही घंटों में लिखना है ।लिखने से ही निर्धारित होना,परीक्षा का परिणाम है ।किन हालातों से गुजरे बच्चे, क्या ... Read more - [सफलता सांझी है | safalta saanjhi hai](https://boltizindagi.com/%e0%a4%b8%e0%a4%ab%e0%a4%b2%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9d%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a5%88-safalta-saanjhi-hai/): सफलता सांझी है मत भूल सफलता सांझी है,कुछ तेरी है, कुछ मेरी है ।मां -बाप और बच्चे सांझे है,कुछ रिश्ते -नाते सांझे हैं। कुछ जिम्मेदारी सांझी है ,कुछ हिस्सेदारी सांझी है।मेहनत जो तुमने की है तो,इंतज़ार मैंने भी किया तेरा।कुछ लम्हें तन्हा काटे हैं,कुछ तुम बिन फ़र्ज़ निभायें हैं।मेहनत तेरी तभी रंग लाई है,जिम्मेदारी जब तेरी, मैंने निभाई है।इसलिए सफलता सांझी है,कुछ तेरी है, कुछ मेरी है।मत भूल सफलता सांझी है,कुछ तेरी है, कुछ मेरी है।तुम से पूर्ण रूप मेरा,और मुझसे हो सम्पूर्ण तुम।मैं और तुम दोनों हम हैं,हम दोनों से ये दुनिया है।जो कुछ भी है,सब दोनों का,फिर लाभ ... Read more - [जीवन को सफल बनाना है | jeevan ko safal banana hai](https://boltizindagi.com/%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b8%e0%a4%ab%e0%a4%b2-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88-jeevan-ko-safal-banana-hai/): जीवन को सफल बनाना है निंदा, चुगली का ज़हर,ना जीवन में घोलो,यही तो है रिश्तों में दीमक,इन से बस तौबा तुम कर लो।खुशियों को जीवन में भर लो।जीओ और जीने दो को अपनाकर ,जीवन को सुगम बनाना है,अपनी सोच को उन्नत करके,जीवन को सफल बनाना है। पहले कर्तव्यों को पूरा करके,फिर अधिकार जताना है।कितनी मुश्किलों को किया है पैदा,इक दूजे का जीवन दुश्वार किया ,व्यर्थ ही समय गंवाया अपना,निज ऊर्जा को बर्बाद किया।व्यर्थ की बातों से तौबा कर के,सत्करमों में अब अपनी ऊर्जा को लगाना है।सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर,जीवन को सफल बनाना है। कंचन चौहान - [होली के रंग | Holi ke rang](https://boltizindagi.com/%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%97-holi-ke-rang/): होली के रंग लाल गुलाबी नीले पीले,कई रंगों से रंगी हुई होली आई होली आई, धरती लग रही सजी धजीरंग बिरंगे फूल और कलियां,बाग, बगीचे खिले हुए।होली के रंगों के जैसे दिल सबके हैं मिले हुए।आस-पास और गली गुवाड़ में, लोग रमे हैं रम्मत में।बाजारों की रौनक देखो,कई गुणा है बढ़ी हुई।ऐसे में कोई शिकवा गिला है, होलिका में दहन करो।सब बीती बातों को भुलाकर, दिल से सब को माफ़ करो।होली के रंगों के जैसे जीवन में सब रंग भरो। –कंचन चौहान  - [कविता –अभिलाषा| kavita -Abhilasha](https://boltizindagi.com/%e0%a4%95%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a4%be-kavita-abhilasha/): अभिलाषा अपने ही नभ में उड़ना मुझको,अपना संसार बनाना है। कोमल मन की अभिलाषा है,अंबर से ऊपर जाना है।कुरीतियों की बेड़ी पग में,मन फिर भी उड़ता है नभ में।कोमल मन को झंझावात से,अब मुझे ही पार लगाना है।जोखिम को अपने सिर ले,अब पहला कदम बढ़ाना है।पहला कदम जब उठ जाता है,नयी डगर इक बनती है।नयी डगर पर चल कर ही तो, मुझको मंजिल को पाना है।कोमल मन की अभिलाषा है, अंबर से ऊपर जाना है।संघर्षों से जीत कर मुझको,अपना संसार बनाना है। –कंचन चौहान  - [Kavita : सपने | sapne](https://boltizindagi.com/kavita-%e0%a4%b8%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a5%87-sapne/): सपने सपने देखो, और फिर अपने सपने साकार करो। इन सपनों को पाने के लिए, मेहनत तुम लगातार करो।नहीं थकना है, नहीं रूकना है, आशा का दामन थामो।बिना रुके तुम चलते जाना, मंज़िल जो तुमको पानी है।जग जाने यह सत्य , बुद्धि से सदा ही ताकत हारी है।सपने देखो, तत्पर बुद्धि से तुम विचार करो ।मेहनत के बल पर तुम अपने सपने साकार करो।जो सपनों को देख सके वो जीते दुनिया सारी है।बस मेहनत से मुख ना मोड़ो, मुठ्ठी में दुनिया तुम्हारी है।मुश्किल से तुम मत घबराना, मुश्किल में मौका है छुपा।मुश्किल को मौके में बदलो, और फिर जीत तुम्हारी ... Read more - [Kavita : सबला नारी | sabla naari](https://boltizindagi.com/kavita-%e0%a4%b8%e0%a4%ac%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-sabla-naari/): सबला नारी किसने कहा अबला है नारी, नारी तो सब पर भारी है।मां,बहन, बेटी या सखी, सब के रूपों में न्यारी है । अबला नहीं सबला है नारी, लेकिन यही व्यथा है सारी,नारी को कोई झुका नहीं सकता ,बस नारी है नारी से हारी । किसने कहा अबला है नारी, नारी तो है सब पर भारी।अबला नहीं सबला है नारी, नारी ना नर से हारी है।नारी बस तब ही है हारी,जब नर के पीछे नारी है। नारी का जीवन सुगम बनाना, होता है नारी के हाथ । नर ना होगा अत्याचारी, अगर ना हो नारी का साथ। अबला नहीं सबला ... Read more - [Jeevan ki pagdandi par by anishk](https://boltizindagi.com/jeevan-ki-pagdandi-par-by-anishk/): जीवन की पगडंडी पर जीवन की पगडंडी पर जीवन की पगडंडी परचलते-चलते जब शाम हुई,पैरों में तिनके लिपटे सेनींदें रातों के नाम हुई, जब भोर गयी उठकर देखादिनकर सर पर चढ़ कर बैठातब मैंने अपने स्वपनों कोआतप में क्षन-क्षन मरते देखा,पुनः रात्रि के आँगन मेंअभिलाषाएँ अविराम हुईंजीवन की पगडंडी परचलते चलते जब शाम हुई..।।                                    — ©अनिष्क  - [भारतीय सिनेमा की महिला हास्य कलाकार](https://boltizindagi.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a4%be/):  भारतीय सिनेमा की महिला हास्य कलाकार बॉलीवुड में हर साल अलग-अलग जॉनर की कई फिल्में रिलीज होती हैं। कॉमेडी एक ऐसा जॉनर है, जिसे देखना हर कोई पसंद करता है। लेकिन आज बॉलीवुड जितना कॉमेडी के लिए फेमस है उतना आज से 80 साल पहले नहीं था और महिला कॉमेडियन तो भूल ही जाइए। उस दौर की फिल्मों में महिलाओं को हम रोने-धोने के किरदार में देखते हुए आ रहे थे। सिनेमा में मेल कॉमेडियन बहुत देखने को मिल जाते लेकिन फीमेल कॉमेडियन नहीं। लेकिन धीरे-धीरे उस जमाने में भी कुछ ऐसी साहसी महिलाएं आगे आई जिनकी सोच ने भारतीय ... Read more - [फर्श से अर्श तक आने वालों से सीखने वाला ही- कलाकार](https://boltizindagi.com/%e0%a4%ab%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b6-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b6-%e0%a4%a4%e0%a4%95-%e0%a4%86%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%b8/): फर्श से अर्श तक आने वालों से सीखने वाला ही- कलाकार ट्विटर की दुनिया से लेकर इंस्टाग्राम या यूॅं कह लो कि सोशल मिडिया का हर एक प्लेटफॉर्म ले लो , अब इसमें कहें तो पेपर भी आ गया तो टी.वी. , न्यूज चैनल आदि सभी एप वेबसाईट, ब्लोगर्स आदि सभी को सम्मिलित कर , जब मैं देखती , सुनती या पढ़ती रहती हूॅं । तो आखिर अब तक मुझे ये मसला समझ क्यों नहीं आता या यूॅं कह लो क्यों नहीं समझ पा रही मैं नादान ? फिर खुदी से सवाल किया कि शायद मैं समझ नहीं पा रही ... Read more - [Hum hind ki naariya | mahila divas Vishesh](https://boltizindagi.com/hum-hind-ki-naariya-mahila-divas-vishesh/):  नन्हीं कड़ी में….  आज की बात   हम हिन्द की हैं नारियां... महिला दिवस पर विशेष…. हमारे भारत देश में आज के आधुनिक युग में महिलाओं को पुरुषों के बराबरी का स्थान हासिल है। स्त्री पुरुष समानता का भाव भी अब लोगों के दिलों में गहरा होता जा रहा है।एक समय ऐसा था जब स्त्रियों को केवल शोभा की वस्तु समझा जाता था , लेकिन स्त्रियों ने भी दिखा दिया है कि वह पुरुषों के मुकाबले में किसी भी क्षेत्र में उन्नीस नहीं है। आज के आधुनिक युग में हम अगर स्त्रियों के स्थान की व्याख्या करना चाहें तो हमें शब्द कम ... Read more - [महा शिवरात्रि और शिवजी का प्रसाद भांग| maha Shivratri](https://boltizindagi.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%be/): महा शिवरात्रि और शिवजी का प्रसाद भांग ‘खइ के पान बनारस वाला, खुल जाए बंद अकल का ताला…’ चार दशक पूर्व फिल्म ‘डाॅन’ में अमिताभ बच्चन का गाया यह गाना बहुत लोकप्रिय हुआ था। पान के रसिया उत्तर भारतीय लोगों के लिए तो यह गाना एक तरह से लोकगीत बन गया था। इस गाने की शुरुआत के शब्द हैं- ‘भंग का रंग जमा हो चकाचक…’यहां बात भांग की हो रही है। महा शिवरात्रि के आते ही भांग के रसिया गेल में आ जाते हैं। पूरे साल चाय की प्याली को ही पेय मान कर पीने वाले सीधे सरल लोग भी ... Read more - [AI में भी बना सकेंगे आप अपना कैरियर, जानिए कैसे](https://boltizindagi.com/ai-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ad%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%87-%e0%a4%86%e0%a4%aa-%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%95/): AI में भी बना सकेंगे आप अपना कैरियर, जानिए कैसे परिचय: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एक गतिशील और तेजी से बढ़ते क्षेत्र के रूप में उभरा है, जो रोमांचक कैरियर के अवसर और प्रतिस्पर्धी वेतन प्रदान करता है। एआई क्षेत्र में प्रवेश करने के इच्छुक पेशेवरों को अक्सर अपने करियर लक्ष्यों के अनुरूप सही पाठ्यक्रम चुनने की चुनौती का सामना करना पड़ता है। इस लेख में, हम एआई पाठ्यक्रम चुनने के लिए मुख्य विचारों का पता लगाएंगे जो न केवल आपको आवश्यक कौशल से लैस करता है बल्कि आकर्षक नौकरी की संभावनाओं के द्वार भी खोलता है। 1. एआई लैंडस्केप को ... Read more - [Stree | स्त्री पर कविता](https://boltizindagi.com/stree-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%be/): स्त्री माँ , बहन,मित्र, प्रेमिका,सबमें मैंने देखी थोड़ी-थोड़ी स्त्री,किंतु विवाह के बाद पत्नी से मिल,मूड स्विंग जैसे नये टर्म सीखे,मैंने एक ही स्त्री में कई रूप देखे,पत्नी के साथ चौबीसों घंटे गुज़ार,मैंने स्त्री को सबसे ज़्यादा समझा, हम पुरुष तंज़ कसते रहे कि,स्त्रियों को ब्रह्म भी न समझ पायेंगे,तो यह सच हैं क्योंकि,ब्रह्मा भी पुरुष ही ठहरे,नहीं ले आ पाए इतना निश्छल मन,कि समझ लें स्त्री को आसानी से, हर चीज़ में नफ़ा-नुक़सान ढूँढता पुरुष,नहीं बचा पाया इतनी संवेदना,कि समझ सके कैसे कोई स्त्री,टीवी सीरियल में हो रही विदाई देख,सारी स्त्रियों के भाग्य का नीर बहा लेती है, श्रेष्ठता की ... Read more - [जब महिला होगी सशक्त, तब देश उन्नति में न लगेगा वक्त](https://boltizindagi.com/%e0%a4%9c%e0%a4%ac-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%b6%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%a4%e0%a4%ac-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6/): जब महिला होगी सशक्त, तब देश उन्नति में न लगेगा वक्त आज के आधुनिक समय में महिला उत्थान एक विशेष विचारणीय विषय है। हमारे आदि – ग्रंथों में नारी के महत्व को मानते हुए यहाँ तक बताया गया है कि “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता:” अर्थात जहाँ नारी की पूजा होती है, वहाँ देवता निवास करते है। लेकिन विडम्बना तो देखिए नारी में इतनी शक्ति होने के बावजूद भी उसके उत्थान की अत्यंत आवश्यकता महसूस हो रही है। यह आवश्यकता इसलिये पड़ी क्योंकि प्राचीन समय से भारत में लैंगिक असमानता, सती प्रथा, नगर वधु व्यवस्था, दहेज प्रथा, यौन हिंसा, ... Read more - [संतुलन अधिनियम: साझा जिम्मेदारियों के लिए साझेदारी को सशक्त बनाना"](https://boltizindagi.com/%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%a8-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%ae-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%9d%e0%a4%be-%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a5%8d/): “संतुलन अधिनियम: साझा जिम्मेदारियों के लिए साझेदारी को सशक्त बनाना” जिंदगी में सिर्फ बोझा ना उठाओ,स्वयं को थोड़ा समझाओ,एक दूसरे का हाथ बटाकर,जीवन को खुशहाल बनाओ। आज की तेज़-तर्रार दुनिया में, जिम्मेदारियों का बोझ अक्सर व्यक्तियों पर भारी पड़ता है, खासकर साझेदारी के भीतर। कई जोड़े खुद को अंतहीन काम के चक्र में फंसा हुआ पाते हैं, जिसमें राहत या तरोताजा होने की बहुत कम गुंजाइश होती है। हालाँकि, समर्थन और सहयोग की संस्कृति को बढ़ावा देकर, हम इस बोझ को कम कर सकते हैं और दोनों भागीदारों के लिए अधिक सामंजस्यपूर्ण वातावरण बना सकते हैं। श्रम का पारंपरिक विभाजन, ... Read more - [रामराज्य लाते हैं | ramrajya laate hai](https://boltizindagi.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%87-%e0%a4%b9%e0%a5%88%e0%a4%82-ramrajya-laate-hai/): रामराज्य लाते हैं आओ सनातनियों हम सब मिल-जुल कर, एक बार फिर से भारत में रामराज्य लाते हैं। ऊंच-नीच, अमीरी-गरीबी, जात-पात का,भेद मिटाकर चलो सबको गले लगाते हैं। नफरत और द्वेष को मन से दूर भगाकरआपसी अनुराग का गीत गुनगुनाते हैं। अपनी जिह्वा और वाणी में मिठास घोल,श्री राम के अवध लौटने का उत्सव मनाते हैं। हर घर, हर आंगन हो खुशियों में डूबा,पुष्प और दीपों से अवध को ऐसे सजाते हैं। करके मानवता की सेवा सारी दुनिया में, अपने आराध्य राम-नाम का ध्वज फहराते हैं। कितनी भी विकट हो स्थिति, या बिगड़े काम,उनके स्मरण से अटके हर काम बन ... Read more - [Ayodhya's 'New Chapter': Music of faith, mirror of history](https://boltizindagi.com/ayodhyas-new-chapter-music-of-faith-mirror-of-history/):  Ayodhya’s ‘New Chapter’: Music of faith, mirror of history. On the sacred land of Ayodhya, resonating with the melodious sound of the Saryu River, the grandeur of Shri Ram Janmabhoomi Temple presents an epic of faith, whose voices narrate the history of centuries. Known as the birthplace of Lord Rama, this temple is not just a set of bricks and stones, but a mirror of the soul of India, where history, culture, and faith are bound together in a golden trinity. There seems to be a bright light in the future of Ram Mandir. Ayodhya, which will become the center ... Read more - [नववर्ष-2024 | kavita navvarsh-2024](https://boltizindagi.com/%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7-2024-kavita-navvarsh-2024/): नववर्ष-2024 सुनो दिकु….. इस नववर्ष में लौट आनातुम्हारी यादों से यह दिल को अब और ना बहलाना बातें बहुत-सी हो गयी है जो तुम से करनी हैमेरे अकेलेपन की खाली पड़ी है गहराइयाँउसे तुम संग मिलकर छलकते जाम की तरह भरनी है बहुत हो गया तुम्हारा अनजान रूखापनसुनो, अब और ना इठलानाइस नववर्ष में लौट आना तुम्हारी यादों से यह दिल को अब और ना बहलानामुज़े कोई शिकायत नहीं करनी तुम सेबस तुम्हारी तबीयत की फिक्र हैजब से तुम गयी हो इन होठों पर सिर्फ तुम्हारा ही ज़िक्र है एकबार आके सिर्फ अपने हाल सुना जानासुनो, अब ना करना कोई ... Read more - [बड़े काम का रेजोल्यूशन](https://boltizindagi.com/%e0%a4%ac%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%9c%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%b6%e0%a4%a8/): बड़े काम का रेजोल्यूशन एक बार फिर रेजोल्यूशन बनाने का दिन आ ही गया, नए साल के साथ। बिहेवियर साइकोलॉजी कहती है कि इंसान को रेजोल्यूशन बनाने की फीलिंग दो बार आती है या तो न्यू ईयर पर या फिर अपने बर्थडे पर। और रेजोल्यूशन चाहे कितने भी दिन निभाया जाए लेकिन बनाने जरूर चाहिए क्योंकि इससे जीवन में एक उत्साह और नयापन आता है। जीवन को एक गति मिलती है।एक नियमित दिनचर्या में ढल जाता है जीवन। जो की न केवल लक्ष्य को पूरा करने के लिए जरूरी होता है बल्कि हेल्दी और फिट रहने के लिए भी बहुत ... Read more - [Story parakh | परख](https://boltizindagi.com/story-parakh-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%96/):  Story parakh | परख “क्या हुआ दीपू बेटा? तुम तैयार नहीं हुई? आज तो तुम्हें विवेक से मिलने जाना है।” दीपिका को उदास देखकर उसके दादा जी ने उससे पूछा। “तैयार ही हो रही हूँ दादू।” दीपिका ने बुझे मन से कहा। “पर तुम इतनी उदास क्यों हो?” “पापा ने मुझे कहा है कि आज ही विवेक से मिलकर शादी के लिए कन्फर्म कर दूं।” “तो इसमें प्रॉब्लम क्या है बेटा?” “आप ही बताओ दादू! एक बार किसी से मिलकर उसे शादी के लिए कैसे फाइनल कर सकते हैं ?” “तो एक-दो बार और मिल लेना। मैं तुम्हारे पापा से ... Read more - [दिकुप्रेम | dikuprem](https://boltizindagi.com/%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%ae-dikuprem/): दिकुप्रेम सुनो दिकु… में ठीक हूँतुम अपना ख्याल रखनामेरी फिक्र में मत रहना कोई भी आये परेशानी अगरहौंसला रखना खुद परमुश्केलियों से कभी ना डरना में जानता हूँ और समझता भी हूँकि बहुत ज़िम्मेदारियों से घिरी हो तुम पर कभी फुर्सत मिले तोदिकुप्रेम के हसीन पलों को याद ज़रूर करना *प्रेम का इंतज़ार अपनी दिकु के लिए*प्रेम ठक्कर ‘दिकुप्रेमी’ About author प्रेम ठक्करसूरत ,गुजरात  ऐमेज़ॉन में मैनेजर के पद पर कार्यरत   - [प्रभु श्री राम की प्राणप्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024](https://boltizindagi.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ad%e0%a5%81-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a3%e0%a4%aa%e0%a5%8d/):  नव वर्ष 2024-22 जनवरी 2024 को बजेगा भारत का आध्यात्मिक डंका  विश्व को नए वर्ष 2024 का नायाब तोहफा-प्रभु श्री राम की प्राणप्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024  रामोत्सव 22 जनवरी 2024-प्रभु श्रीराम का टेंट विराजमान से विशाल पक्के आध्यात्मिक घर में विराजमान अनमोल ऐतिहासिक यादगार क्षण बनेगा-एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया  गोंदिया – वैश्विक स्तरपर दुनियां का हर देश नए वर्ष 2024 की खुशियों में सारोबार होकर मना रहा हैहर देश में नववर्ष 2024 का जोरदार ढंग से स्वागत किया जा रहा है जहां मदिरा पान से लेकर डिजिटल डांस तक तो वही श्रद्धा सुमन सादगी से लेकर आध्यात्मिक भाव से ... Read more - [माधवी बोरसे सिंह इंसा को अंग्रेजी साहित्य में ओनररी डॉक्टरेट से सम्मानित](https://boltizindagi.com/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a4%b5%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%b9-%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%85/): अंतराष्ट्रीय अंग्रेजी कोच डॉ. माधवी बोरसे सिंह इंसा को अंग्रेजी साहित्य में ओनररी डॉक्टरेट से सम्मानित किया गया। हाल ही में प्रसिद्ध IIU यूनिवर्सिटी ने न्यू दिल्ली में डॉ. माधवी जी को अंग्रेजी साहित्य में डॉक्टरेट से सम्मानित किया। डॉ. माधवी बोरसे से, जो एक असाधारण पथप्रदर्शक हैं जिन्होंने शिक्षा, कविता और वैश्विक प्रभाव की दुनिया को फिर से परिभाषित किया है। प्रतिष्ठित पुरस्कारों, पदकों, रिकॉर्ड *(2 गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रयास)* और मानद, डॉक्टरेटस की प्रभावशाली श्रृंखला के साथ, वह शिक्षा के क्षेत्र में एक सच्चे परिवर्तन निर्माता के रूप में खड़ी हैं। उनकी उल्लेखनीय यात्रा ने *इंडिया ... Read more - [From Stardust to Grace: Richa Mehta's Luminous Odyssey.](https://boltizindagi.com/from-stardust-to-grace-richa-mehtas-luminous-odyssey/): From Stardust to Grace: Richa Mehta’s Luminous Odyssey. In New Delhi’s embrace, Richa Mehta shines bright,A model and actor, a beacon of light.With academic grace, she soared to the sky,Top achiever, MBA in Finance, oh my! Page 3 whispers of her celebrity fame,Modeling, acting, she mastered the game.Entrepreneurial spirit, she wears with pride,LuxuryDot.PR’s director, a success by her side. In TVCs and digital ads, she’s the face,Brand Ambassador, elegance and grace.Awards adorn her like jewels in the night,World Book of Records, a dazzling sight. Fashion Icon, Superwoman, awards galore,Aesthetic Excellence, she continues to soar.Yet beyond the glitz, a heart pure ... Read more - [तुम और मैं | Tum aur main](https://boltizindagi.com/%e0%a4%a4%e0%a5%81%e0%a4%ae-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%88%e0%a4%82-tum-aur-main/):  तुम और मैं तुम घुमाते बल्ला क्रिकेट के,मैं घुमाती कंघी बालों में  तुम बात करते किताबों से, मैं बनाती बातें यादों से,  तुम्हें है प्रिय एकाकी और हम हुए वाचल प्राणी,  बोलो कैसे बनेगी अपनी कहानी?  जब मैं हो जाऊंगी अस्वस्थ काया से ,  क्या बल्ला छोड़ मेरे बिखरे लटों को सजाओगे?  जब मेरे चहेरे पर उदासी छा जायेगी,  क्या दो पल मेरे साथ नये यादें बनाओगे?  बालो चुप हो क्यों?  जब तुमसे रूठ मैं एकाकी ढूंढने निकलूँ,  क्या अपनी बेफिक्र बातों से हमे हंसाओगे?  तुम घुमाते बल्ला क्रिकेट के,मैं घुमाती कंघी बालों में  तुम बात करते किताबों से, मैं ... Read more - [सेक्स में रूचि कम हो रही है तो सावधान हो जाएं](https://boltizindagi.com/%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%9a%e0%a4%bf-%e0%a4%95%e0%a4%ae-%e0%a4%b9%e0%a5%8b-%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a5%88/): सेक्स में रूचि कम हो रही है तो सावधान हो जाएं ऐसी तमाम महिलाएं हैं, जिनकी समय के साथ सेक्स में रुचि कम हो जाती है। कभी-कभी ऐसा अनुभव होता है कि सेक्स में उनकी रुचि लगातार घटती जा रही है। इसका कारण भी उनकी समझ में नहीं आता। पति की सेक्स करने की इच्छा होने के बावजूद पत्नी सेक्स करने से बचने के लिए कोई न कोई बहाना तलाश रही होती है। इससे संबंध प्रभावित होने लगते हैं। कभी-कभी इसकी वजह से सेक्स लाइफ बरबाद हो जाती है। अगर आप भी इस समस्या से गुजर रही हैं तो आप ... Read more - [कविता तुम्हारा इंतज़ार | kavita tumhara intezar](https://boltizindagi.com/%e0%a4%95%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a4%be%e0%a4%b0-kavita-tumhara/): तुम्हारा इंतज़ार सुनो दिकु… तुम्हारे इश्क में टूटकर बिखर रहा हूँमें आज भी तुम्हारे इंतज़ार में जी रहा हूँ कभी इस जीवन में वीरानपनतो कभी आखों में समंदर का पानी पी रहा हूँमें आज भी तुम्हारे इंतज़ार में जी रहा हूँ तुम तक एकबार मेरी बात पहुँचाने की ख्वाइश हैमें कोई बड़ी सख्शियत को नहीं जानतामेरे पास तो मेरा परिश्रम ही मेरी गुंजाइश है हज़ारों चोटें खाकरखुद के दर्दो कोतुम्हारी यादों के सहारे-सी रहा हूँमें आज भी तुम्हारे इंतज़ार में जी रहा हूँ एक दिन तो ज़रूर आएगाजो दिकुप्रेम के रिश्ते की किस्मत चमकाएगाखुद को ठोकर देकर भी अपने इरादों ... Read more - [लघुकथा -बेड टाइम स्टोरी | bad time story](https://boltizindagi.com/%e0%a4%b2%e0%a4%98%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a4%a5%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a5%87%e0%a4%a1-%e0%a4%9f%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%ae-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%80-bad-time-story/): लघुकथा -बेड टाइम स्टोरी “मैं पूरे दिन नौकरी और घर को कुशलता से संभाल सकती हूं तो क्या अपने बच्चे को अकेली नहीं संभाल सकती? आधुनिक जमाने की आधुनिक मां हूं और बच्चे की देखभाल की सभी आधुनिक पद्धतियों से परिचित हूं। पूरे दिन की थकान के बाद भले ही अपने बच्चे को कहानियां नहीं सुना सकती, पर दिखा तो सकती हूं। बेड टाइम स्टोरीज के कितने ऐप मोबाइल में हैं। आज की वेब पीढ़ी के बच्चे कहानियां सुनने के लिए नानी-दादी की राह नहीं देखते।” कावेरी के इस उलाहने को समझने वाले विनोद ने हमेशा की तरह उसकी इस ... Read more - [LaghuKatha - peepal ki pukar | पीपल की पुकार](https://boltizindagi.com/laghukatha-peepal-ki-pukar-%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%aa%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0/): लघुकथा  पीपल की पुकार ‘दादी मां दादी मां, आपके लिए गांव से चिट्ठी आई है’, 10 साल के पोते राहुल ने अपनी दादी को पुकारते हुए कहा। मेरे लिए चिट्ठी, भला किसने लिख दी, दादी ने अचंभित होकर कहा। ‘पता नहीं, अभी एक भैया चिट्ठी देकर गए’, राहुल ने उत्तर दिया।दादी मां ने चिट्ठी देखी तो गांव के सबसे पुराने पीपल के पेड़ की चिट्ठी थी। अपनी व्यथा सुनाते हुए पीपल के पेड़ ने लिखा था, मेरी बहन, तुमने मुझे राखी बांधी थी ना, आज मुझे तुम्हारी जरूरत है। तुम्हारा बेटा तुम्हें शहर ले गया, हो सके तो गांव वापस ... Read more - [Kavita - antim iccha | अंतिम इच्छा](https://boltizindagi.com/kavita-antim-iccha-%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%ae-%e0%a4%87%e0%a4%9a%e0%a5%8d%e0%a4%9b%e0%a4%be/): अंतिम इच्छा सुनो दिकु… बस एक अंतिम इच्छा हैतुम से मुलाकात करने कीमेरे जीवन में तुम्हारा जो महत्त्व है उसपर बात करने कीयही बस एक अंतिम इच्छा है समन्दर किनारे पैर को डुबोते हुएहमारी आँखें एकदूजे में खोते हुएआवश्यकता नहीं अब हमें रोने कीजीवन के गमगीन पलों को और ढोने कीप्रेमरूपी माला में हमारे एहसास के मोती पिरोने कीयही बस एक अंतिम इच्छा है बंज़र पड़ी दिल की ज़मीन पर तप रही असह्य पीड़ा हैराहत मिलेगी अगर दिकुप्रेम मिलन की बरसात होबस अंतिम बार तुम्हारी और मेरी मुलाकात हो मुज़े तुम्हारे प्रेम को लेकर जीवन में आगे बढ़ना हैतुम्हारे एहसासों ... Read more - [आपकी तारीफ के लिए अल्फाज नही](https://boltizindagi.com/%e0%a4%86%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%ab-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%85%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%ab%e0%a4%be%e0%a4%9c-%e0%a4%a8/):  आपकी तारीफ के लिए अल्फाज नही तेरी सूरत,और तासीर,की अल्फाज बया करे,तुम फूल हो गुलाब का ये मौसम बया करे।।फैले चांदनी सी आभा तेरी,तेरी हर अदा पर नाज है,तेरी खूबसूरती के बराबर नहीं कोई ,तेरी मुस्कान,कुछ बया करे।। तेरे जुल्फा की घटा, हवाओं के साथ केशो का लहराना,तेरा रूप रंग,बोल चाल,तेरी हर अदा पर नजर लगाता जमाना।तुम रात के अंधियारे में उजाला हो, खुवाहिश है तेरे दिल में अपना घर बनाना।। तेरे राजीवनयन रुखसार आंचल पर तिलक राज,तेरा मुख चंद्रमा, है नायाब छिपा होठों में राज।फूल की खूश्बु महके तू शमा पर जले परवाना तू है वसंत राज। तुम मोहब्बत ... Read more - [तापमान भले शून्य हो पर सहनशक्ति शून्य नहीं होनी चाहिए](https://boltizindagi.com/%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%b6%e0%a5%82%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b9%e0%a5%8b-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%a8/): तापमान भले शून्य हो पर सहनशक्ति शून्य नहीं होनी चाहिए  समाज में जो भी दंपति, परिवार, नौकरी और धंधा टिका है, उसका रहस्य इसमें ‘किसी एक का त्याग उर सहनशक्ति होती है’। एक बार जंगल में हिम वर्षा हुई। इसके बाद वहां इतनी तेज ठंड पड़ी कि उस ठंड में तमाम छोटेमोटे जानवरों की मौत हो गई। इस ठंड में जंगल में रहने वाली साहियां भी हिम्मत हार गईं और उन्हें अपनी मौत सामने दिखाई देने लगी। एक बुजुर्ग साही ने जंगल की तमाम साहियों को बुला कर मीटिंग की। उस बुजुर्ग साही ने एक उपाय सुझाया कि ‘हम सभी ... Read more - [नया साल, नई उम्मीदें, नए सपने, नए लक्ष्य।](https://boltizindagi.com/%e0%a4%a8%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%a8%e0%a4%88-%e0%a4%89%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%80%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a8%e0%a4%8f-%e0%a4%b8%e0%a4%aa%e0%a4%a8/): नया साल, नई उम्मीदें, नए सपने, नए लक्ष्य। नए साल पर अपनी आशाएँ रखना हमारे लिए बहुत अच्छी बात है, हमें यह भी समझने की ज़रूरत है कि आशाओं के साथ निराशाएँ भी आती हैं। जीवन द्वंद्व का खेल है और नया साल भी इसका अपवाद नहीं है। यदि हम ‘बीते वर्ष’ पर ईमानदारी से विचार करें, तो हमें एहसास होगा कि हालांकि यह आवश्यक नहीं है कि वर्ष ने वह प्रदान किया हो जो हमने उससे चाहा था, लेकिन इसने हमें कुछ बहुमूल्य सीख और अनुभव अवश्य दिए। ये अलग से बहुत महत्वपूर्ण नहीं लग सकते हैं, लेकिन संभवतः ... Read more - [नागपुर की वीना आडवाणी "तन्वी" को 26 वे अन्तर्राष्ट्रीय जुनूँ अवार्ड से किया जायेगा सम्मानित](https://boltizindagi.com/%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%86%e0%a4%a1%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a3%e0%a5%80-%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a5%8d/): नागपुर की वीना आडवाणी “तन्वी” को 26 वे अन्तर्राष्ट्रीय जुनूँ अवार्ड से किया जायेगा सम्मानित महाराष्ट्र, नागपुर । विगत वर्षों की भाँति इस वर्ष भी विश्व मानव संघ 26 वें अन्तर्राष्ट्रीय जुनूँ अवार्ड 2023 का आयोजन जनपद लखनऊ में मानव दिवस के अवसर पर 1 जनवरी 2024 दिन सोमवार को होने जा रहा है। मानव दिवस प्रत्येक वर्ष 1 जनवरी को विश्व मानव संघ द्वारा प्राणी एवं पर्यावरण की रक्षा के लिये मनाया जाता है। मानव दिवस के इस अवसर पर अन्तर्राष्ट्रीय जुनूँ अवार्ड 2023 से 18 विभूतियों को दिया जा रहा है इन अठारह सदस्यों का सम्मान नागरिक अभिनन्दन ... Read more - [साहित्य संगम संस्थान गुजरात इकाई का तृतीय वार्षिकोत्सव धूमधाम से हुआ संपन्न](https://boltizindagi.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%ae-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%9c/): साहित्य संगम संस्थान गुजरात इकाई का तृतीय वार्षिकोत्सव धूमधाम से हुआ संपन्न देश-विदेश की जानी-मानी पंजीकृत, साहित्य में अपनी अलग पहचान रखने वाली संस्था ‘साहित्य संगम संस्थान’ के गुजरात प्रदेश इकाई के स्थापना दिवस की तृतीय वर्षगाँठ 13 दिसंबर को बड़े धूमधाम से मनाई गई। प्रातः 9 बजे से रात 8 बजे तक चले इस कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष आ. राजवीर सिंह ‘मंत्र’ जी द्वारा द्वीप प्रज्वलन और शंखनाद द्वारा किया गया। तदुपरांत गुजरात इकाई की सचिव आ. सोनल मंजूश्री ओमर जी एवं आ. अंकुर सिंह जी द्वारा सरस्वती वंदना करके माँ शारदे का आवाहन किया गया। ... Read more - [सर्दियों में बच्चे की छाती में जम गया है कफ?](https://boltizindagi.com/%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%9a%e0%a5%8d%e0%a4%9a%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%9b%e0%a4%be%e0%a4%a4/): सर्दियों में बच्चे की छाती में जम गया है कफ? अपनाएं यह तरीका तुरंत मिलेगा आराम। सर्दियों की ठंड अक्सर अपने साथ बच्चों में सीने में जकड़न का अप्रिय साथी लाती है, जिससे माता-पिता प्रभावी और तत्काल समाधान की तलाश में रहते हैं। इस ज्ञानवर्धक लेख में, हम एक गेम-चेंजिंग विधि का अनावरण करते हैं जो आपके छोटे बच्चों के लिए त्वरित राहत का वादा करती है। परिचय: जैसे-जैसे सर्द हवाएँ चलती हैं, वैसे-वैसे बच्चों के सीने में जकड़न का शिकार होने की संभावना बढ़ जाती है। लेकिन डरें नहीं, क्योंकि हम एक अद्भुत तरीका बता रहे हैं जो तत्काल ... Read more - [पर्यावरण एवं स्वास्थ्य को निगलते रासायनिक उर्वरक](https://boltizindagi.com/%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%8f%e0%a4%b5%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%95/): पर्यावरण एवं स्वास्थ्य को निगलते रासायनिक उर्वरक रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों को हल करने में लगेंगे कई साल, वैकल्पिक और टिकाऊ तरीकों पर विचार करना बुद्धिमानी। किसानों को उर्वरकों के उपयोग की सर्वोत्तम प्रक्रियाओं के बारे में शिक्षित करें, जिसमें सही मात्रा, समय और उपयोग की तकनीकें शामिल हैं। जो किसान अधिक ज्ञान प्राप्त करेंगे वे निर्णय लेने में बेहतर ढंग से सुसज्जित होंगे। लक्षित सब्सिडी कार्यक्रमों को लागू करें जो छोटे और हाशिए पर रहने वाले किसानों को समर्थन देने पर केंद्रित हों जो वित्तीय बाधाओं का सामना कर रहें हैं। यह सुनिश्चित करता है कि सब्सिडी उन लोगों ... Read more - [वैश्विक परिपेक्ष्य में नव वर्ष 2024](https://boltizindagi.com/%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a8/): वैश्विक परिपेक्ष्य में नव वर्ष 2024 24 फरवरी 2022 से प्रारम्भ रूस यूक्रेन युद्ध दूसरा वर्ष पूर्ण करने वाला है तो 2023 में इजरायल हमास का युद्ध नए आयाम अध्य्याय के साथ शुरू हो गया सम्पूर्ण विश्व के 800 करोड़ जन संख्या में अधिकतर कि कल्पना तृतीय विश्वयुद्ध कि भी इज़राइल हमास युद्ध के साथ शुरू हो चुकी थी 2020 एव 2021 कोरोना संक्रमण से समूर्ण मानवता ने त्राहि त्राहि किया कुल मिला जुलाकर देखा जाय तो सफलता असफलता विकास ह्रास कि प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है जो ब्रह्मांड में प्रकृति प्राणि को प्रभावित करती परमात्मा के सर्वशक्ति का एहसास ... Read more - [भूख | bhookh](https://boltizindagi.com/%e0%a4%ad%e0%a5%82%e0%a4%96-bhookh/): भूख भूख शब्द से तो आप अच्छी तरह से परिचित हैं क्योंकि भूख नामक बिमारी से आज तक कोई बच नहीं पाया है और सबसे मजेदार बात तो ये है कि यह बिमारी धरा पर जीव के अवतरण से पहले यानी गर्भ से ही हमें अपने आगोश में ले लेती है।फिर आजीवन हमारा साथ नहीं छोड़ती। यह बिमारी हमारे शरीर छोड़ने पर ही हमारा शरीर छोड़ती है । इस विमारी के आगे लोग हार जाते हैं और गलत पथ पर पग बढ़ा देते हैं विना कुछ सोचे समझे यहां तक कि दूसरे को उपदेश देने वाले भी भूख के हाथों ... Read more - [भारत की आत्मनिर्भरता का प्रतीक-आईएनएस इंफाल](https://boltizindagi.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%86%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ad%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa/): विध्वंसक आईएनएस इंफाल-जल्मेव यस्य बल्मेव तस्य भारत की आत्मनिर्भरता का प्रतीक-आईएनएस इंफाल समुद्री व्यापार सर्वोच्च ऊंचाइयों के शिखर तक पहुंचाने व समुद्री मार्ग को सुरक्षित रखने में आईएनएस इंफाल मील का पत्थर साबित होगा-एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया गोंदिया – वैश्विक स्तरपर हर क्षेत्र में भारत के बढ़ते प्रौद्योगिकी विकास,चीन सहित भिन्न देशों पर घटती निर्भरता और हर क्षण बढ़ते निर्यात को पूरी दुनियां की हसरत भरी नजरों से देखकर विश्वास हो चुकी है कि भारत को अब आत्मनिर्भर बनने से कोई शक्ति रोक नहीं सकती और भारत अपने विजन 2047 पूर्ण विकसित राष्ट्र को उसकेडेडलाइन के पहले ही अपने ... Read more - [प्रेस पत्र पत्रिका पंजीकरण विधेयक 2023 संसद के दोनों सदनों में पारित, अब कानून बनेगा](https://boltizindagi.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b8-%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%95/): प्रेस पत्र पत्रिका पंजीकरण विधेयक 2023 संसद के दोनों सदनों में पारित, अब कानून बनेगा समाचार पत्र पत्रिका का प्रकाशन शुरू करने प्रकाशकों को सुगमता के नए युग की शुरुआत प्रेस की आजादी और समाचार पत्र पत्रिका प्रकाशन में प्रेस पत्र पत्रिका पंजीयन विधेयक 2023 मील का पत्थर साबित होगा – एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया गोंदिया – वैश्विक स्तरपर लोकतंत्र की जननी और दुनियां का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत में किसी भी कानून को पारित करने की बहुत ही विस्तृत पेचीदगी वह पारदर्शी प्रक्रियाएं बनी हुई है, जिसको पार करने के बाद ही कोई विधेयक पारित होकर राष्ट्रपति के ... Read more - [भोग का अन्न वर्सस बुफे का अन्न](https://boltizindagi.com/%e0%a4%ad%e0%a5%8b%e0%a4%97-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a8-%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a4%b8-%e0%a4%ac%e0%a5%81%e0%a4%ab%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%85/):  भोग का अन्न वर्सस बुफे का अन्न कुछ दिनों पूर्व एक विवाह पार्टी में जाने का अवसर मिला। यूं तो मैं शादियों में नहीं जाती परंतु शादी एक खास परिचित की थी और जाना जरूरी था। मैं थोड़ा लेट पहुंची थी और बुफे ऑलरेडी शुरू हो चुका था। वहां एक परिचित महिला मिल गई जिससे मेरा परिचय ब्रह्माकुमारीज सेंटर पर हुआ था। वो वहां की एक रेगुलर स्टूडेंट है। वह स्वयं के लिए खाना प्लेट में परोस रही थी। यूं अचानक मिलना हुआ तो अभिवादन और हाल-चाल पूछने की औपचारिकताओं के  बाद उसने मुझसे  कहा कि आप भी खा लीजिए ... Read more - [शराब का विकल्प बनते कफ सीरप](https://boltizindagi.com/%e0%a4%b6%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ac-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%aa-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%a4%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%ab-%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%b0/): शराब का विकल्प बनते कफ सीरप सामान्य रूप से खांसी-जुकाम के लिए उपयोग में लाया जाने वाला कफ सीरप लेख या चर्चा का विषय नहीं हो सकता। पर पिछले कुछ महीनों से भारत में बनने वाले कफ सीरप शक के घेरे में हैं। जैसे कि कुछ अफ्रीकी देशों और उज्बेकिस्तान जैसे देशों में भारत में बने कफ सीरप के कारण बच्चों की मौत होने के समाचार सामने आए है। दूसरी ओर भारत में पूर्वोत्तर भारत से महाराष्ट्र तक के अनेक राज्यों में अनेक तरह के कफ सीरप का उपयोग नशा करने के लिए होता हैं। खास कर गुजरात में कफ ... Read more - [बेडरूम का कलर आप की सेक्सलाइफ का सीक्रेट बताता है](https://boltizindagi.com/%e0%a4%ac%e0%a5%87%e0%a4%a1%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%b2%e0%a4%b0-%e0%a4%86%e0%a4%aa-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a4%b2/): बेडरूम का कलर आप की सेक्सलाइफ का सीक्रेट बताता है जिस तरह कपड़े का रंग आप की पर्सनालिटी और मूड को दर्शाता है, ठीक उसी तरह बेडरूम का कलर भी आप की सेक्सलाइफ का सीक्रेट बताता है। रंग के बिना जीवन बेरंग हो जाता है। रंग मूड और पर्सनालिटी पर असर करता है। रंग के बिना सेक्सलाइफ का रोमांच ही अधूरा है। रंग मूड तो फ्रेश करता है। हमारे यहां ज्यादातर बेडरूम का कलर सफेद ही होता है, पर अब लोग अलग-अलग कलर कराने लगे हैं। पर्पल कलर सेक्सोलाॅजिस्ट के अनुसार पर्पल कलर को पेशनेट कलर माना जाता है। जिस ... Read more - [कविता-सूखा पेड़ | sukha ped](https://boltizindagi.com/%e0%a4%95%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%82%e0%a4%96%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%a1%e0%a4%bc-sukha-ped/): कविता-सूखा पेड़ सूखे पेड़ को भी हराभरा होने की आश हैजैसे किसी प्यासे को पानी की प्यास हैदूसरे हरेभरे वृक्ष को देख कर थोड़ा उदास हैमैं दूसरों को छाया दूं सूरज का ऐसा प्रकाश हैसूखे पेड़ को हराभरा होने की आश हैखाद, बीज पानी की जरूरत इसे खास हैफिर फूल आए या फल आए, इसमें भी वैसी ही मिठास हैसूखे पेड़ को भी हराभरा होने की आश हैजीवन है इसमें देखभाल की इसे तलाश हैदेगा आक्सीजन यह इसमें भी सांस हैसूखे पेड़ को भी हराभरा होने की आश हैन करें इसका पतन करें इसका जतन इसमें भी सुहास हैहै यह ... Read more - [सांप के जहर का अरबों का व्यापार](https://boltizindagi.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%aa-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a4%b9%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a4%ac%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af/): सांप के जहर का अरबों का व्यापार देश की राजधानी दिल्ली में तरह-तरह के उल्टे-सीधे धंधे होते हैं। अपराध का एक भी ऐसा तरीका नहीं है, जो भारत की राजनानी में न होता हो। नवंबर महीने के पहले सप्ताह में सांप के जहर को पार्टीड्रग के रूप में बेचने के गोरखधंधे का खुलासा हुआ है। भाजपा सांसद मेनका गांधी की संस्था पीपल फार एनिमल्स (पीएफए) के प्रयास से यह भांडा फूटा है। पता चला कि नोएडा में एक जगह रेव पार्टी का आयोजन किया गया था, जिसमें सांप के जहर से किक लेने के लिए देश-विदेश के युवक-युवतियां आई थीं।इस ... Read more - [मानवजाति के साथ एलियंस की लुकाछुपी कब बंद होगी](https://boltizindagi.com/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%8f%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%82%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%80/): मानवजाति के साथ एलियंस की लुकाछुपी कब बंद होगी नवंबर महीने के तीसरे सप्ताह में मणिपुर के आकाश में यूएफओ (अन आईडेंटीफाइड फ्लाइंग ओब्जैक) यानी कि एक अज्ञात वस्तु उड़ती दिखाई दी तो भारी उहापोह मच गई थी। दहशत की वजह से इम्फाल एयरपोर्ट को कुछ देर के लिए बंद करना पड़ा। इतना ही नहीं, ताबड़तोड़ इस उड़ती उड़नतश्तरी के बारे में पता लगाने के लिए दो रफाल विमान रवाना किए गए। हाशीमीरा एयरफोर्स बेज से उड़े रफाल विमान के रडार सिस्टम इस तरह उड़ने वाले किसी अंजान पदार्थ को खोज नहीं पाए। फिर भी सुरक्षा की वजह से वायुसेना ... Read more ## Pages - [Homepage](https://boltizindagi.com/): Featured Post Latest Posts Story - [Create post](https://boltizindagi.com/create-post/) - [Password Reset](https://boltizindagi.com/password-reset/) - [Account](https://boltizindagi.com/account/) - [Logout](https://boltizindagi.com/logout/) - [Members](https://boltizindagi.com/members/) - [Register](https://boltizindagi.com/register/) - [Login](https://boltizindagi.com/login/) - [Profile](https://boltizindagi.com/user/) - [Disclaimer](https://boltizindagi.com/bolti-zindagi-disclaimer/): Disclaimer for Bolti Zindagi Users If you require any more information or have any questions about our site’s disclaimer, please feel free to contact us by email at BoltiZindagi@gmail.com. This disclaimer serves to inform users about the limitations and responsibilities associated with the use of our website. 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