Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jitendra Meena, poem

शीर्षक : लड़की और समाज

शीर्षक : लड़की और समाज लड़की का जीवनसिमटकर रह जाता है ,चौखट , चूल्हे , चौके तक । जन्म के …


शीर्षक : लड़की और समाज

लड़की का जीवन
सिमटकर रह जाता है ,
चौखट , चूल्हे , चौके तक ।

जन्म के बाद ,
समाज ! उस खिलते फूल को
रौदने के लिये बोझ डाल देता है ।

आँधी में जो हालत पेड़ की होती है
समाज में लड़की की होती है ,
पर ! मजबूती से खड़ी रहती है ।

समाज ! सीखो उस लड़की से ,
जो समाज के ताने सुनकर भी
पेड़ की भाँति डटी रहती है ।

समाज ! सीखो उस फूल से ,
जो काटों के पेड़ पर भी
अपनी खुशबू बिखेरता है ।

चूल्हे सें निकलने वाली लपटें
वो सहती रहती है ,
तब मुश्किलें ?

एक लड़की का
संघर्ष देखकर ,
मुश्किलें भी डर जाती है ।

About Writer

© जीतेन्द्र मीना ‘ गुरदह ‘
करौली ( राजस्थान )

Related Posts

रघुवीर सहाय पर कविता- सुधीर श्रीवास्तव

December 10, 2021

 जन्मदिन विशेषरघुवीर सहाय नौ दिसंबर उन्नीस सौ उनतीस लखनऊ में जन्में थे रघुवीर सहाय, उन्नीस सौ इक्यावन में लखनऊ विश्वविद्यालय से

शान_ए–वतन- जयश्री बिरमी

December 9, 2021

सादर समर्पित उन्हे जो चले गए शान_ए–वतन ऐसा नहीं कि तुम लौट कर ना आओ तुम बिन तो हमारी सीमाएं

शहीद कविता-नंदिनी लहेजा

December 9, 2021

शहीद शत नमन, आपके जीवन को,जिसे आपने, देश के नाम किया।हैं धन्य हमारे, वीर जवान,जिन्होंने प्राणों का, अपने दान किया।

कोई हल तो होगा- जितेन्द्र ‘ कबीर ‘

December 8, 2021

कोई हल तो होगा भुखमरी मिटाने के लाख दावों के बावजूदनाकाम रही हैं सरकारें अब तकसब लोगों तक दो जून

कुर्सी का चक्कर है प्यारे .- विजय लक्ष्मी पाण्डेय

December 8, 2021

कुर्सी का चक्कर है प्यारे …!!! गढ़नें वाले गढ़ते रहे विपक्ष -पक्ष की बातें ।कितनें पीछे छूट गए ना लिखी

डॉ. राजेंद्र प्रसाद- सुधीर श्रीवास्तव

December 8, 2021

डॉ. राजेंद्र प्रसाद जीरादेई सीवान बिहार मेंतीन दिसंबर अठारह सौ चौरासी में,जन्मा था एक लाल।दुनिया में चमका नाम उसका,थे वो

Leave a Comment